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Yamuna Nagar News: कागजों में शहर गोवंश से मुक्त, सड़कों पर घूम रहे लावारिस
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 20 Feb 2026 01:35 AM IST
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गोबिंदपुरी रोड से गुजरते लावारिस गोवंश।
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहरी निकाय विभाग की ताजा रिपोर्ट में यमुनानगर, रादौर और साढौरा को गोवंश मुक्त घोषित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यमुनानगर में 1,713 गोवंश को पकड़कर गोशालाओं तक पहुंचाने का दावा किया गया है, जबकि रादौर और साढौरा में भी गोवंश नियंत्रण को लेकर संतोषजनक स्थिति बताई गई है। वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।
इन तीनों शहरों की मुख्य और लिंक सड़कों पर आज भी लावारिस गोवंश खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय बाजारों और चौक-चौराहों पर झुंड के रूप में गोवंश बैठे रहते हैं, जबकि रात के समय हाईवे और प्रमुख सड़कों पर उनका जमावड़ा लग जाता है। खासकर यमुनानगर-जगाधरी रोड, रादौर बस स्टैंड क्षेत्र और साढौरा के मुख्य बाजार में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
कई बार वाहन चालक अचानक सामने आ जाने वाले गोवंश से टकराने से बाल-बाल बचे हैं। शहरी निकाय विभाग की रिपोर्ट में शहरों को गोवंश मुक्त घोषित किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में हैरानी है। नागरिकों का कहना है कि यदि इतने बड़े स्तर पर गोवंश को गोशालाओं तक पहुंचाया गया है तो फिर सड़कों पर घूम रहे पशु किसके हैं।
दुकानदारों का कहना है कि सुबह दुकान खोलते ही सड़क किनारे बैठे गोवंश के कारण ग्राहकों को परेशानी होती है और कई बार सामान भी नुकसान का शिकार हो जाता है। रादौर के व्यापारियों का कहना है कि नगर पालिका की टीमें कभी-कभार अभियान चलाती हैं, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
लोगों का आरोप है कि गोवंश पकड़ने का अभियान कागजों में ज्यादा और जमीन पर कम दिखाई देता है। मेयर सुमन बहमनी का कहना है नगर निगम के अभियान के तहत काफी संख्या में लावारिस गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में पहुंचाया गया है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
रात के समय बढ़ जाता सड़क हादसों का खतरा
लावारिस गोवंश के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय हाईवे और लिंक सड़कों पर अचानक गोवंश सामने आ जाने से बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। कई छोटे हादसे पहले भी हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोवंश नियंत्रण को लेकर ठोस और स्थायी योजना बनाई जाए। साथ ही गोशालाओं की क्षमता बढ़ाने और नियमित अभियान चलाने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि शहरों को वास्तव में गोवंश मुक्त बनाया जा सके और सड़कों पर चलना सुरक्षित हो सके।
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यमुनानगर। शहरी निकाय विभाग की ताजा रिपोर्ट में यमुनानगर, रादौर और साढौरा को गोवंश मुक्त घोषित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यमुनानगर में 1,713 गोवंश को पकड़कर गोशालाओं तक पहुंचाने का दावा किया गया है, जबकि रादौर और साढौरा में भी गोवंश नियंत्रण को लेकर संतोषजनक स्थिति बताई गई है। वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।
इन तीनों शहरों की मुख्य और लिंक सड़कों पर आज भी लावारिस गोवंश खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय बाजारों और चौक-चौराहों पर झुंड के रूप में गोवंश बैठे रहते हैं, जबकि रात के समय हाईवे और प्रमुख सड़कों पर उनका जमावड़ा लग जाता है। खासकर यमुनानगर-जगाधरी रोड, रादौर बस स्टैंड क्षेत्र और साढौरा के मुख्य बाजार में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
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कई बार वाहन चालक अचानक सामने आ जाने वाले गोवंश से टकराने से बाल-बाल बचे हैं। शहरी निकाय विभाग की रिपोर्ट में शहरों को गोवंश मुक्त घोषित किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में हैरानी है। नागरिकों का कहना है कि यदि इतने बड़े स्तर पर गोवंश को गोशालाओं तक पहुंचाया गया है तो फिर सड़कों पर घूम रहे पशु किसके हैं।
दुकानदारों का कहना है कि सुबह दुकान खोलते ही सड़क किनारे बैठे गोवंश के कारण ग्राहकों को परेशानी होती है और कई बार सामान भी नुकसान का शिकार हो जाता है। रादौर के व्यापारियों का कहना है कि नगर पालिका की टीमें कभी-कभार अभियान चलाती हैं, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
लोगों का आरोप है कि गोवंश पकड़ने का अभियान कागजों में ज्यादा और जमीन पर कम दिखाई देता है। मेयर सुमन बहमनी का कहना है नगर निगम के अभियान के तहत काफी संख्या में लावारिस गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में पहुंचाया गया है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
रात के समय बढ़ जाता सड़क हादसों का खतरा
लावारिस गोवंश के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय हाईवे और लिंक सड़कों पर अचानक गोवंश सामने आ जाने से बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। कई छोटे हादसे पहले भी हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोवंश नियंत्रण को लेकर ठोस और स्थायी योजना बनाई जाए। साथ ही गोशालाओं की क्षमता बढ़ाने और नियमित अभियान चलाने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि शहरों को वास्तव में गोवंश मुक्त बनाया जा सके और सड़कों पर चलना सुरक्षित हो सके।

गोबिंदपुरी रोड से गुजरते लावारिस गोवंश।

गोबिंदपुरी रोड से गुजरते लावारिस गोवंश।