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एससी-एसटी विकास निधि कानून बनाया जाए : मंशाराम
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राज्य स्तरीय बैठक में बनाई रणनीति, मानसून सत्र में धरने का फैसला
जुलाई में निकलेगी सामाजिक न्याय यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में नियमित धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यह निर्णय स्टेट कोएलिशन फॉर लेजिसलेशन ऑफ एससी-एसटी सब प्लान हिमाचल प्रदेश की राज्य समन्वय समिति की बैठक में लिया गया।
बिलासपुर के रौड़ा सेक्टर में संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला समन्वयक एवं सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक मंशाराम ने की। इस दौरान राज्य गठबंधन के संयोजक सुखदेव विश्वप्रेमी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज की आनुपातिक आर्थिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में विशेष विकास निधि कानून बनाए जाने की मांग पिछले तीन वर्षों से उठाई जा रही है।
बैठक में तय किया कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जिलों के प्रतिनिधि क्रमवार धरने में भाग लेंगे। अंतिम दिन राज्यभर के प्रतिनिधि और सामाजिक न्याय के समर्थक एक रैली से मांग सरकार के समक्ष रखेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में मांग के समर्थन में दूसरे चरण की सामाजिक न्याय यात्रा शुरू की जाएगी। इसके अलावा 30 जून तक विधानसभा स्तर पर गठित की जाने वाली समितियों के गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जुलाई में पंचायतों और शहरी निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से भी समर्थन जुटाया जाएगा तथा उनसे मुख्यमंत्री को समर्थन प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया जाएगा।
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बैठक में डीपी चंद्रा, एलआर सेन, प्रकाश बंसल, मंशाराम, सुखदेव विश्वप्रेमी, दयाराम, एमआर दड़ोच, प्रेम लाल बंगा और मस्तराम दड़ोच सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
जुलाई में निकलेगी सामाजिक न्याय यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में नियमित धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यह निर्णय स्टेट कोएलिशन फॉर लेजिसलेशन ऑफ एससी-एसटी सब प्लान हिमाचल प्रदेश की राज्य समन्वय समिति की बैठक में लिया गया।
बिलासपुर के रौड़ा सेक्टर में संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला समन्वयक एवं सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक मंशाराम ने की। इस दौरान राज्य गठबंधन के संयोजक सुखदेव विश्वप्रेमी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज की आनुपातिक आर्थिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में विशेष विकास निधि कानून बनाए जाने की मांग पिछले तीन वर्षों से उठाई जा रही है।
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बैठक में तय किया कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जिलों के प्रतिनिधि क्रमवार धरने में भाग लेंगे। अंतिम दिन राज्यभर के प्रतिनिधि और सामाजिक न्याय के समर्थक एक रैली से मांग सरकार के समक्ष रखेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में मांग के समर्थन में दूसरे चरण की सामाजिक न्याय यात्रा शुरू की जाएगी। इसके अलावा 30 जून तक विधानसभा स्तर पर गठित की जाने वाली समितियों के गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जुलाई में पंचायतों और शहरी निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से भी समर्थन जुटाया जाएगा तथा उनसे मुख्यमंत्री को समर्थन प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया जाएगा।
बैठक में डीपी चंद्रा, एलआर सेन, प्रकाश बंसल, मंशाराम, सुखदेव विश्वप्रेमी, दयाराम, एमआर दड़ोच, प्रेम लाल बंगा और मस्तराम दड़ोच सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।