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Bilaspur News: बंदलाधार में एसआईवी कोर्स की तैयारी शुरू, दो स्कूलों ने कराई बुकिंग
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15 सितंबर के बाद शुरू होंगी प्रशिक्षण गतिविधियां, देश-विदेश से पहुंचेंगे प्रशिक्षु
मानसून प्रतिबंध के बाद दोबारा शुरू होंगी साहसिक पर्यटन गतिविधियां
प्रशिक्षुओं और पर्यटकों की आवाजाही से होम स्टे, टैक्सी और कारोबार को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बंदलाधार पैराग्लाइडिंग साइट पर होने वाले एसआईवी कोर्स के लिए बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष दो पैराग्लाइडिंग स्कूलों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अग्रिम बुकिंग कराई है। प्रशिक्षण गतिविधियां 15 सितंबर के बाद शुरू होंगी।
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सुरक्षा कारणों से 15 जुलाई से 15 सितंबर तक सभी साहसिक पर्यटन गतिविधियों पर रोक रहती है। इसके बाद मौसम अनुकूल होने पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियां दोबारा शुरू होती हैं। सितंबर से एसआईवी कोर्स का आयोजन किया जाता है। बंदलाधार देश की चुनिंदा एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट्स में शामिल है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और गोबिंद सागर झील का विशाल जल क्षेत्र एसआईवी प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त माना जाता है। यही कारण है कि हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी प्रशिक्षु यहां पहुंचते हैं और उन्नत पैराग्लाइडिंग तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
पर्यटन गतिविधियों से जुड़े स्थानीय व्यक्ति संजू ने बताया कि इस वर्ष दो स्कूलों की ओर से पहले ही बुकिंग की जा चुकी है। इसमें पीजी गुरुकुल और टेंपल पायलट स्कूल शामिल हैं। आगामी दिनों में अन्य संस्थानों से भी बुकिंग मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एसआईवी कोर्स के दौरान बड़ी संख्या में प्रशिक्षु और प्रशिक्षक क्षेत्र में पहुंचते हैं। इससे होम स्टे, टैक्सी, भोजनालय और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलता है। ग्रामीणों का कहना है कि पैराग्लाइडिंग गतिविधियों ने बंदला क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
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प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के दौरान बढ़ने वाली पर्यटकों की आवाजाही से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। लोगों को उम्मीद है कि इस वर्ष भी एसआईवी कोर्स के सफल आयोजन से क्षेत्र में पर्यटन और कारोबार को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
मानसून प्रतिबंध के बाद दोबारा शुरू होंगी साहसिक पर्यटन गतिविधियां
प्रशिक्षुओं और पर्यटकों की आवाजाही से होम स्टे, टैक्सी और कारोबार को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बंदलाधार पैराग्लाइडिंग साइट पर होने वाले एसआईवी कोर्स के लिए बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष दो पैराग्लाइडिंग स्कूलों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अग्रिम बुकिंग कराई है। प्रशिक्षण गतिविधियां 15 सितंबर के बाद शुरू होंगी।
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सुरक्षा कारणों से 15 जुलाई से 15 सितंबर तक सभी साहसिक पर्यटन गतिविधियों पर रोक रहती है। इसके बाद मौसम अनुकूल होने पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियां दोबारा शुरू होती हैं। सितंबर से एसआईवी कोर्स का आयोजन किया जाता है। बंदलाधार देश की चुनिंदा एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट्स में शामिल है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और गोबिंद सागर झील का विशाल जल क्षेत्र एसआईवी प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त माना जाता है। यही कारण है कि हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी प्रशिक्षु यहां पहुंचते हैं और उन्नत पैराग्लाइडिंग तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
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पर्यटन गतिविधियों से जुड़े स्थानीय व्यक्ति संजू ने बताया कि इस वर्ष दो स्कूलों की ओर से पहले ही बुकिंग की जा चुकी है। इसमें पीजी गुरुकुल और टेंपल पायलट स्कूल शामिल हैं। आगामी दिनों में अन्य संस्थानों से भी बुकिंग मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एसआईवी कोर्स के दौरान बड़ी संख्या में प्रशिक्षु और प्रशिक्षक क्षेत्र में पहुंचते हैं। इससे होम स्टे, टैक्सी, भोजनालय और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलता है। ग्रामीणों का कहना है कि पैराग्लाइडिंग गतिविधियों ने बंदला क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के दौरान बढ़ने वाली पर्यटकों की आवाजाही से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। लोगों को उम्मीद है कि इस वर्ष भी एसआईवी कोर्स के सफल आयोजन से क्षेत्र में पर्यटन और कारोबार को नया प्रोत्साहन मिलेगा।