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Bilaspur News: सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील वर्करों के लिए फूड सेफ्टी लाइसेंस अनिवार्य
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स्कूल प्रबंधकों को दिए निर्देश, कर्मचारियों का हर छह माह में मेडिकल चेकअप भी जरूरी
एफएसएसएआई की टीमें करेंगी स्कूलों में निरीक्षण, सैंपल भी लिए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (एमडीएम) वर्करों के लिए फूड सेफ्टी लाइसेंस बनाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे लाइसेंस बनाने के साथ-साथ हर छह माह में अपने कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप भी करवाएं। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। स्कूलों में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता की समय-समय पर खाद्य विभाग की ओर से जांच की जाएगी। लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए स्कूलों को एफएसएसएआई पर पंजीकरण करवाना आवश्यक है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियमित अंतराल पर एमडीएम के नमूनों की सैंपलिंग कर इसे लैब में जांच के लिए भेजेंगे। जिले के एमडीएम नोडल अधिकारी राजकुमार पराशर ने बताया कि जिले के 1064 स्कूलों में एमडीएम परोसा जा रहा है। बच्चों को पौष्टिक और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों के एमडीएम प्रभारी को एफएसएसएआई पोर्टल पर पंजीकरण करवाना जरूरी है।लाइसेंस उन वर्करों को मिलेगा जो रसोईघर की सफाई, खाना बनाने की सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे। जिन स्कूलों ने लाइसेंस बना लिया है, उन्हें इसे समय पर रिन्यू करवाना होगा। अगर तय मानकों के अनुसार एमडीएम नहीं दिया गया, तो स्कूल प्रबंधकों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (एमडीएम) वर्करों के लिए फूड सेफ्टी लाइसेंस बनाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे लाइसेंस बनाने के साथ-साथ हर छह माह में अपने कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप भी करवाएं। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। स्कूलों में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता की समय-समय पर खाद्य विभाग की ओर से जांच की जाएगी। लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए स्कूलों को एफएसएसएआई पर पंजीकरण करवाना आवश्यक है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियमित अंतराल पर एमडीएम के नमूनों की सैंपलिंग कर इसे लैब में जांच के लिए भेजेंगे। जिले के एमडीएम नोडल अधिकारी राजकुमार पराशर ने बताया कि जिले के 1064 स्कूलों में एमडीएम परोसा जा रहा है। बच्चों को पौष्टिक और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों के एमडीएम प्रभारी को एफएसएसएआई पोर्टल पर पंजीकरण करवाना जरूरी है।लाइसेंस उन वर्करों को मिलेगा जो रसोईघर की सफाई, खाना बनाने की सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे। जिन स्कूलों ने लाइसेंस बना लिया है, उन्हें इसे समय पर रिन्यू करवाना होगा। अगर तय मानकों के अनुसार एमडीएम नहीं दिया गया, तो स्कूल प्रबंधकों पर कार्रवाई भी की जाएगी।