{"_id":"69c1313a031e58e0ab0daf2a","slug":"garbage-is-being-burnt-at-night-near-gandhi-chowk-causing-distress-to-people-due-to-toxic-smoke-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-156554-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: गांधी चौक के पास रात में जला रहे कूड़ा, जहरीले धुएं से लोग बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: गांधी चौक के पास रात में जला रहे कूड़ा, जहरीले धुएं से लोग बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
घुमारवीं में रात में जलाया जा रहा कूड़ा। संवाद
विज्ञापन
ग्राउंड रिपोर्ट
अंधेरे का फायदा उठाकर लगाई जा रही आग, बच्चों-बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
कौन जला रहा कूड़ा, नहीं हो पाई पहचान, नगर परिषद से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर स्थित गांधी चौक के आसपास कूड़ा जलाने की समस्या इन दिनों विकराल रूप लेती जा रही है। रात के समय कूड़े के ढेरों में आग लगाए जाने से निकलने वाला जहरीला धुआं स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। हालात ऐसे हैं कि आसपास रहने वाले परिवारों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांधी चौक से राजकीय कन्या विद्यालय जाने वाले मार्ग पर देर रात कूड़ा बोरों में भरकर फेंका जाता है और फिर उसमें आग लगा दी जाती है। इससे उठने वाला घना धुआं आसपास के घरों में फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और घुटन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की हालत ज्यादा खराब हो रही है। लोगों ने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। हालांकि पहले यह कभी-कभार होता था, लेकिन अब लगभग रोजाना रात के समय कूड़े में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर यह काम किया जाता है, जिससे मौके पर किसी को पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है। कई बार कूड़े में लगी आग इतनी भयंकर हो जाती है कि आसपास के मकानों तक खतरा पैदा हो जाता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता यह है कि आखिर कूड़ा जला कौन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी ही कूड़े को आग लगा रहे हैं या फिर कुछ असामाजिक तत्व इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। इसको लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि रात के समय विशेष निगरानी की जाए और सीसीटीवी कैमरों या गश्त के जरिए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। लोगों का कहना है कि इस लापरवाही से न केवल आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है और आसपास के घरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
कोट
नगर परिषद घुमारवीं की ओर से सभी सफाई कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में कूड़ा न जलाया जाए। इसके बावजूद यदि कहीं इस तरह की गतिविधि हो रही है तो उसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
खेमचंद वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद घुमारवीं
Trending Videos
अंधेरे का फायदा उठाकर लगाई जा रही आग, बच्चों-बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
कौन जला रहा कूड़ा, नहीं हो पाई पहचान, नगर परिषद से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर स्थित गांधी चौक के आसपास कूड़ा जलाने की समस्या इन दिनों विकराल रूप लेती जा रही है। रात के समय कूड़े के ढेरों में आग लगाए जाने से निकलने वाला जहरीला धुआं स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। हालात ऐसे हैं कि आसपास रहने वाले परिवारों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांधी चौक से राजकीय कन्या विद्यालय जाने वाले मार्ग पर देर रात कूड़ा बोरों में भरकर फेंका जाता है और फिर उसमें आग लगा दी जाती है। इससे उठने वाला घना धुआं आसपास के घरों में फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और घुटन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की हालत ज्यादा खराब हो रही है। लोगों ने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। हालांकि पहले यह कभी-कभार होता था, लेकिन अब लगभग रोजाना रात के समय कूड़े में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर यह काम किया जाता है, जिससे मौके पर किसी को पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है। कई बार कूड़े में लगी आग इतनी भयंकर हो जाती है कि आसपास के मकानों तक खतरा पैदा हो जाता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता यह है कि आखिर कूड़ा जला कौन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी ही कूड़े को आग लगा रहे हैं या फिर कुछ असामाजिक तत्व इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। इसको लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि रात के समय विशेष निगरानी की जाए और सीसीटीवी कैमरों या गश्त के जरिए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। लोगों का कहना है कि इस लापरवाही से न केवल आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है और आसपास के घरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
कोट
नगर परिषद घुमारवीं की ओर से सभी सफाई कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में कूड़ा न जलाया जाए। इसके बावजूद यदि कहीं इस तरह की गतिविधि हो रही है तो उसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
खेमचंद वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद घुमारवीं