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Bilaspur News: घुमारवीं में प्रवासियों के सत्यापन का मुद्दा गरमाया, नप को सौंपा ज्ञापन
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं और आसपास के क्षेत्रों में बिना पंजीकरण रह रहे प्रवासी लोगों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस गंभीर विषय को प्रशासन के समक्ष उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक व्यापक स्तर पर सत्यापन और पंजीकरण सुनिश्चित नहीं हो पाया है। ऐसे में शहर की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
नगर परिषद की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद सामाजिक संस्था संवेदना ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित कुमार को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में रह रहे सभी प्रवासी लोगों का अनिवार्य पंजीकरण और पुलिस सत्यापन कराने की मांग की है। संस्था का कहना है कि इससे पहले भी कई बार प्रशासन और पुलिस के समक्ष यह मामला उठाया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी अभियान शुरू नहीं किया गया।
संस्था ने नगर परिषद, पुलिस और प्रशासन से संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाकर सभी प्रवासियों का सत्यापन सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र और आसपास बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरी, निर्माण कार्य, फेरी लगाने और अन्य छोटे-छोटे व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। इनमें से अधिकांश किराये के मकानों में रहते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोगों का अब तक पुलिस रिकॉर्ड में पंजीकरण नहीं हो पाया है।
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लोगों का कहना है कि किसी भी शहर में बाहरी लोगों का सत्यापन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय के दौरान क्षेत्र में चोरी की घटनाओं के अलावा कुछ संवेदनशील मामलों की जांच के दौरान भी कुछ प्रवासी व्यक्तियों के नाम सामने आए थे। इसके बावजूद व्यापक सत्यापन अभियान नहीं चलाया गया। उनका मानना है कि यदि सभी प्रवासियों का समयबद्ध रिकॉर्ड तैयार हो तो किसी भी घटना की जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है।
पुलिस प्रशासन समय-समय पर प्रवासी लोगों के पंजीकरण और मकान मालिकों को किरायेदारों की जानकारी संबंधित थाने में उपलब्ध कराने के निर्देश देता रहा है। प्रशासन का कहना है कि किराये पर रहने वाले प्रत्येक प्रवासी की सूचना देना मकान मालिक की जिम्मेदारी है। यदि ऐसा नहीं किया जाता और भविष्य में किसी आपराधिक मामले में संबंधित व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार मकान मालिक की जवाबदेही भी तय हो सकती है। नगर परिषद घुमारवीं के अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि संवेदना संस्था का ज्ञापन प्राप्त हुआ है।
इस संबंध में जल्द ही पुलिस और प्रशासन के साथ बैठक कर संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि व्यापक अभियान चलाकर प्रवासी लोगों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा और जिन मकान मालिकों ने प्रवासियों को किराये पर कमरे दिए हैं, उन्हें भी इस अभियान से जोड़कर आवश्यक जागरूक किया जाएगा।
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घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं और आसपास के क्षेत्रों में बिना पंजीकरण रह रहे प्रवासी लोगों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस गंभीर विषय को प्रशासन के समक्ष उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक व्यापक स्तर पर सत्यापन और पंजीकरण सुनिश्चित नहीं हो पाया है। ऐसे में शहर की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
नगर परिषद की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद सामाजिक संस्था संवेदना ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित कुमार को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में रह रहे सभी प्रवासी लोगों का अनिवार्य पंजीकरण और पुलिस सत्यापन कराने की मांग की है। संस्था का कहना है कि इससे पहले भी कई बार प्रशासन और पुलिस के समक्ष यह मामला उठाया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी अभियान शुरू नहीं किया गया।
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संस्था ने नगर परिषद, पुलिस और प्रशासन से संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाकर सभी प्रवासियों का सत्यापन सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र और आसपास बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरी, निर्माण कार्य, फेरी लगाने और अन्य छोटे-छोटे व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। इनमें से अधिकांश किराये के मकानों में रहते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोगों का अब तक पुलिस रिकॉर्ड में पंजीकरण नहीं हो पाया है।
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लोगों का कहना है कि किसी भी शहर में बाहरी लोगों का सत्यापन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय के दौरान क्षेत्र में चोरी की घटनाओं के अलावा कुछ संवेदनशील मामलों की जांच के दौरान भी कुछ प्रवासी व्यक्तियों के नाम सामने आए थे। इसके बावजूद व्यापक सत्यापन अभियान नहीं चलाया गया। उनका मानना है कि यदि सभी प्रवासियों का समयबद्ध रिकॉर्ड तैयार हो तो किसी भी घटना की जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है।
पुलिस प्रशासन समय-समय पर प्रवासी लोगों के पंजीकरण और मकान मालिकों को किरायेदारों की जानकारी संबंधित थाने में उपलब्ध कराने के निर्देश देता रहा है। प्रशासन का कहना है कि किराये पर रहने वाले प्रत्येक प्रवासी की सूचना देना मकान मालिक की जिम्मेदारी है। यदि ऐसा नहीं किया जाता और भविष्य में किसी आपराधिक मामले में संबंधित व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार मकान मालिक की जवाबदेही भी तय हो सकती है। नगर परिषद घुमारवीं के अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि संवेदना संस्था का ज्ञापन प्राप्त हुआ है।
इस संबंध में जल्द ही पुलिस और प्रशासन के साथ बैठक कर संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि व्यापक अभियान चलाकर प्रवासी लोगों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा और जिन मकान मालिकों ने प्रवासियों को किराये पर कमरे दिए हैं, उन्हें भी इस अभियान से जोड़कर आवश्यक जागरूक किया जाएगा।