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Chamba News: सलूणी कॉलेज में विद्यानों ने पढ़े शोधपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 18 Mar 2026 10:49 PM IST
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राजकीय महाविद्यालय सलूणी में आरम्भ हुआ साहित्य सम्मेलन–2026
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महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के तहत साहित्य सम्मेलन का आगाज
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय सलूणी में आईसीएसएसआर-एनडब्ल्यूआरसी प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के तहत साहित्य सम्मेलन का आगाज हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. शिव दयाल मुख्य अतिथि रहे। मुख्य वक्ता डॉ. बृजेंद्र कुमार अग्निहोत्री थे।
दोपहर के बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में देशभर से आए शोधार्थियों और विद्वानों ने हिंदी भाषा, साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए और विचार-विमर्श किया। प्रथम दिवस का समापन एक रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ जिसमें विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
यह कार्यक्रम महाविद्यालय के ग्रामीण क्षेत्र में 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में करवाया जा रहा है। संगोष्ठी की संयोजक पिंकी देवी ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ. सौरभ मिश्रा ने सम्मेलन की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ. मोहिंदर कुमार सलारिया ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित संस्थानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मुख्य वक्ता डॉ. बृजेंद्र कुमार अग्निहोत्री ने हिंदी की समकालीन प्रासंगिकता, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और बदलते सामाजिक परिदृश्य में उसकी भूमिका पर चर्चा की। मुख्य अतिथि डॉ. शिव दयाल ने हिंदी के शैक्षणिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।
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सलूणी (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय सलूणी में आईसीएसएसआर-एनडब्ल्यूआरसी प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के तहत साहित्य सम्मेलन का आगाज हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. शिव दयाल मुख्य अतिथि रहे। मुख्य वक्ता डॉ. बृजेंद्र कुमार अग्निहोत्री थे।
दोपहर के बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में देशभर से आए शोधार्थियों और विद्वानों ने हिंदी भाषा, साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए और विचार-विमर्श किया। प्रथम दिवस का समापन एक रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ जिसमें विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
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यह कार्यक्रम महाविद्यालय के ग्रामीण क्षेत्र में 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में करवाया जा रहा है। संगोष्ठी की संयोजक पिंकी देवी ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ. सौरभ मिश्रा ने सम्मेलन की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ. मोहिंदर कुमार सलारिया ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित संस्थानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मुख्य वक्ता डॉ. बृजेंद्र कुमार अग्निहोत्री ने हिंदी की समकालीन प्रासंगिकता, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और बदलते सामाजिक परिदृश्य में उसकी भूमिका पर चर्चा की। मुख्य अतिथि डॉ. शिव दयाल ने हिंदी के शैक्षणिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।