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सावरकर पर प्रश्न पूछना अपराध नहीं : संघ
Tue, 18 Aug 2026 05:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 18 Aug 2026 05:29 AM IST
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अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने निलंबन वापस लेने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की हमीरपुर जिला इकाई ने केरल के कासरगोड में विद्यालयी क्विज में वीर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछने पर शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन का विरोध किया है। महासंघ ने निलंबन तत्काल वापस लेने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
महासंघ के आह्वान पर शिक्षकों ने प्रांत महामंत्री नरेश शर्मा और निवर्तमान प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. जगवीर चंदेल के नेतृत्व में सोमवार को जिलाधीश कार्यालय के माध्यम से प्रधानमंत्री, केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष बलदेव सिंह ने कहा कि सावरकर स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं और उनके जीवन से संबंधित प्रश्न पूछना अपराध या अनुशासनहीनता नहीं है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इतिहास के विभिन्न पक्षों की तथ्यात्मक जानकारी देना शिक्षा का उद्देश्य है। जिला मंत्री परविंद्र सिंह ने कहा कि यदि क्विज की प्रश्नावली शिक्षा विभाग के स्तर पर जांच और अनुमोदन के बाद जारी हुई थी तो केवल शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने प्रश्न तैयार करने और अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की। महासंघ ने कहा कि शिक्षकों को राजनीतिक दबाव से मुक्त वातावरण मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षक गुरु प्रसाद का निलंबन वापस लेने और उनकी गरिमा और अकादमिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की हमीरपुर जिला इकाई ने केरल के कासरगोड में विद्यालयी क्विज में वीर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछने पर शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन का विरोध किया है। महासंघ ने निलंबन तत्काल वापस लेने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
महासंघ के आह्वान पर शिक्षकों ने प्रांत महामंत्री नरेश शर्मा और निवर्तमान प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. जगवीर चंदेल के नेतृत्व में सोमवार को जिलाधीश कार्यालय के माध्यम से प्रधानमंत्री, केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष बलदेव सिंह ने कहा कि सावरकर स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं और उनके जीवन से संबंधित प्रश्न पूछना अपराध या अनुशासनहीनता नहीं है।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इतिहास के विभिन्न पक्षों की तथ्यात्मक जानकारी देना शिक्षा का उद्देश्य है। जिला मंत्री परविंद्र सिंह ने कहा कि यदि क्विज की प्रश्नावली शिक्षा विभाग के स्तर पर जांच और अनुमोदन के बाद जारी हुई थी तो केवल शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने प्रश्न तैयार करने और अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की। महासंघ ने कहा कि शिक्षकों को राजनीतिक दबाव से मुक्त वातावरण मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षक गुरु प्रसाद का निलंबन वापस लेने और उनकी गरिमा और अकादमिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
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