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Rampur Bushahar News: बजट से उम्मीद<bha>--</bha>-
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केंद्र के बजट से सपनों को पंख लगने की उम्मीद
जलोड़ी, भुभू टनल और भुंतर हवाई अड्डे के विस्तार को मंजूरी मिलने की संभावना
कुल्लू-मनाली वामतट के साथ हाईवे-305 के डबललेन की आस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मोदी सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश करेगी। जिले के कई प्रोजेक्टों को बजट से ढेरों उम्मीदें हैं। इनमें जलोड़ी दर्रा, भुभू टनल, कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग, हाईवे-305 डबललेन और भुंतर हवाई अड्डे का विस्तारीकरण शामिल है। इन प्रोजेक्टों से सामरिक महत्व के साथ विकास और घाटी के पर्यटन को गति मिलेगी।
जिले के साढ़े चार लाख लोगों को केंद्र सरकार के बजट से दो से तीन दशकों से लटके प्रोजेक्टों को बजट मिलने की उम्मीद है। इसमें करीब तीन दशकों से लटकी जलोड़ी दर्रा टनल को राशि मिलने की आस है। इसका सर्वे पूरा हो गया है। खनाग से सोझा कैंची तक 4.2 किलोमीटर लंबी सुरंग प्रस्तावित है। औट-बंजार-आनी-सैंज तक हाईवे-305 डबलनेन बनना है। इसकी भी सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है। डीपीआर के फेर में पूरा प्रोजेक्ट लटका है। टनल और हाईवे बनने से क्षेत्र के विकास के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
जिला मुख्यालय की लगवैली के भुभू जोत टनल की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ी है। इस टनल से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी जोगिंद्रनगर से कुल्लू से बीच कम होगी। केंद्र सरकार ने इस टनल को देश की सुरक्षा के लिए सामरिक महत्व का बताया है। इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। लोगों को इस महत्वपूर्ण परियोजना को भी बजट में जगह मिलने की पूरी संभावना है। इस प्रोजेक्ट की मांग भी करीब दो दशक से उठ रही है।
लगभग तीन दशकों से भुंतर हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की मांग उठ रही है। छोटा रनवे होने से यहां 70 सीटर से बड़ा हवाई जहाज लैंड नहीं करता है। भुंतर से दिल्ली के लिए उड़ने वाले जहाज में यात्रियों की संख्या भी आधे से कम हो जाती है। अगर रनवे बड़ा होगा तो यहां 100 सीटर से बड़े जहाज आसानी से उतर सकेंगे। यह प्रक्रिया भी लगभग डेढ़ दशक से ठंडे बस्ते में पड़ी है। कुल्लू-मनाली हाईवे तीन 2023 से लेकर 2025 की बरसात में पूरी तरह से तहस-नहस हो गया था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2023 में इसका विकल्प कुल्लू-मनाली वामतट सड़क को बताया है। इस सड़क को डबललेन करने के लिए उन्होंने 1,000 करोड़ रुपये देने की भी बात कही थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। वामतट मार्ग का डबललेन होना सामरिक महत्व के साथ मनाली और लाहौल घाटी के पर्यटन के लिए बहुत जरूरी है। पर्यटन कारोबारी गजेंद्र ठाकुर, गौतम ठाकुर, ललित कुमार, राजेंद्र प्रकाश व चमन कटोच का कहना है कि ये प्रोजेक्ट न केवल देश की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, बल्कि कुल्लू जिले के विकास और पर्यटन को भी गति देने वाले हैं।
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जलोड़ी, भुभू टनल और भुंतर हवाई अड्डे के विस्तार को मंजूरी मिलने की संभावना
कुल्लू-मनाली वामतट के साथ हाईवे-305 के डबललेन की आस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मोदी सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश करेगी। जिले के कई प्रोजेक्टों को बजट से ढेरों उम्मीदें हैं। इनमें जलोड़ी दर्रा, भुभू टनल, कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग, हाईवे-305 डबललेन और भुंतर हवाई अड्डे का विस्तारीकरण शामिल है। इन प्रोजेक्टों से सामरिक महत्व के साथ विकास और घाटी के पर्यटन को गति मिलेगी।
जिले के साढ़े चार लाख लोगों को केंद्र सरकार के बजट से दो से तीन दशकों से लटके प्रोजेक्टों को बजट मिलने की उम्मीद है। इसमें करीब तीन दशकों से लटकी जलोड़ी दर्रा टनल को राशि मिलने की आस है। इसका सर्वे पूरा हो गया है। खनाग से सोझा कैंची तक 4.2 किलोमीटर लंबी सुरंग प्रस्तावित है। औट-बंजार-आनी-सैंज तक हाईवे-305 डबलनेन बनना है। इसकी भी सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है। डीपीआर के फेर में पूरा प्रोजेक्ट लटका है। टनल और हाईवे बनने से क्षेत्र के विकास के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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जिला मुख्यालय की लगवैली के भुभू जोत टनल की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ी है। इस टनल से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी जोगिंद्रनगर से कुल्लू से बीच कम होगी। केंद्र सरकार ने इस टनल को देश की सुरक्षा के लिए सामरिक महत्व का बताया है। इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। लोगों को इस महत्वपूर्ण परियोजना को भी बजट में जगह मिलने की पूरी संभावना है। इस प्रोजेक्ट की मांग भी करीब दो दशक से उठ रही है।
लगभग तीन दशकों से भुंतर हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की मांग उठ रही है। छोटा रनवे होने से यहां 70 सीटर से बड़ा हवाई जहाज लैंड नहीं करता है। भुंतर से दिल्ली के लिए उड़ने वाले जहाज में यात्रियों की संख्या भी आधे से कम हो जाती है। अगर रनवे बड़ा होगा तो यहां 100 सीटर से बड़े जहाज आसानी से उतर सकेंगे। यह प्रक्रिया भी लगभग डेढ़ दशक से ठंडे बस्ते में पड़ी है। कुल्लू-मनाली हाईवे तीन 2023 से लेकर 2025 की बरसात में पूरी तरह से तहस-नहस हो गया था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2023 में इसका विकल्प कुल्लू-मनाली वामतट सड़क को बताया है। इस सड़क को डबललेन करने के लिए उन्होंने 1,000 करोड़ रुपये देने की भी बात कही थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। वामतट मार्ग का डबललेन होना सामरिक महत्व के साथ मनाली और लाहौल घाटी के पर्यटन के लिए बहुत जरूरी है। पर्यटन कारोबारी गजेंद्र ठाकुर, गौतम ठाकुर, ललित कुमार, राजेंद्र प्रकाश व चमन कटोच का कहना है कि ये प्रोजेक्ट न केवल देश की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, बल्कि कुल्लू जिले के विकास और पर्यटन को भी गति देने वाले हैं।
