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Rampur Bushahar News: मुंशी प्रेमचंद की रचनाओं विद्यार्थियों ने की चर्चा
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केंद्रीय विद्यालय रिकांगपिओ में जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन
रिकांगपिओ (किन्नौर)। केंद्रीय विद्यालय रिकांगपिओ में शुक्रवार को साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उनकी कालजयी रचनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य मनीष सेमवाल ने प्रेमचंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। हिंदी विभाग की ओर से आयोजित विशेष सभा में कक्षा 11वीं की छात्राओं खुशी, दरक्षा, देचेन और जिनिया ने प्रेमचंद के जीवन और साहित्य पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने गोदान, ईदगाह, कफन और पूस की रात जैसी रचनाओं का उल्लेख किया। छात्राओं ने कहा कि प्रेमचंद ने अपनी लेखनी से गरीबों और शोषित वर्ग की पीड़ा को समाज के सामने रखा। उनका साहित्य आज भी सत्य, ईमानदारी और मानवता का संदेश देता है। स्नातकोत्तर हिंदी शिक्षिका ममता चौधरी और अन्य शिक्षकों ने प्रेमचंद के साहित्य की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी रचनाओं का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का वाचन भी प्रस्तुत किया। प्राचार्य मनीष सेमवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रेमचंद का साहित्य समाज को सही दिशा दिखाने वाला प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। सेमवाल ने सत्य, सेवा और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन ममता चौधरी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ इसका समापन हुआ।
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। केंद्रीय विद्यालय रिकांगपिओ में शुक्रवार को साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उनकी कालजयी रचनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य मनीष सेमवाल ने प्रेमचंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। हिंदी विभाग की ओर से आयोजित विशेष सभा में कक्षा 11वीं की छात्राओं खुशी, दरक्षा, देचेन और जिनिया ने प्रेमचंद के जीवन और साहित्य पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने गोदान, ईदगाह, कफन और पूस की रात जैसी रचनाओं का उल्लेख किया। छात्राओं ने कहा कि प्रेमचंद ने अपनी लेखनी से गरीबों और शोषित वर्ग की पीड़ा को समाज के सामने रखा। उनका साहित्य आज भी सत्य, ईमानदारी और मानवता का संदेश देता है। स्नातकोत्तर हिंदी शिक्षिका ममता चौधरी और अन्य शिक्षकों ने प्रेमचंद के साहित्य की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी रचनाओं का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का वाचन भी प्रस्तुत किया। प्राचार्य मनीष सेमवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रेमचंद का साहित्य समाज को सही दिशा दिखाने वाला प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। सेमवाल ने सत्य, सेवा और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन ममता चौधरी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ इसका समापन हुआ।