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Rampur Bushahar News: टियाली में सड़क के मलबे से 32.09 लाख की वन संपदा को नुकसान, निरीक्षण और निर्देश तक सिमटी कार्रवाई
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उपमंडल ठियोग में सड़क निर्माण को दौरान अवैध रूप से ठिकाने लगाया मलबा। संवाद
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एक्सक्लूसिव : टियाली-नाहौल सड़क के चौड़ीकरण के दौरान 4,450 क्यूबिक मीटर मलबा वन क्षेत्र में ठिकाने लगाया
32 पेड़ मलबे की चपेट में आने से हुए क्षतिग्रस्त, वन विभाग ने बनाई डैमेज रिपोर्ट
अभी तक डैमेज कॉस्ट की वसूली के लिए लोक निर्माण विभाग पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
सुनील ग्रोवर
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग की टियाली पंचायत में मलबे की अवैध डंपिंग से वन विभाग को 32.09 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। टियाली-नाहौल सड़क के निर्माण के दौरान लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने 4,450 क्यूबिक मीटर मलबा वन क्षेत्र में ठिकाने लगाया। इससे 32 पेड़ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। वन विभाग की बनाई डैमेज रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। वन विभाग ने डैमेज रिपोर्ट तैयार कर संयुक्त कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम ठियोग शशांक गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भेजी है। हैरानी की बात यह है कि जनवरी में तैयार की गई डैमेज कॉस्ट की उगाही के लिए अभी तक लोक निर्माण विभाग को कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने टियाली-नाहौल सड़क का चौड़ीकरण कार्य शुरू किया। इस सड़क के निर्माण कार्य के दौरान चियोग वन खंड की रतेश बीट के क्षेत्र में मलबा डालने पर स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग रखी। जनवरी में एसडीएम की अध्यक्षता में वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक संयुक्त कमेटी का गठन किया गया। एसडीएम और अन्य विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। एसडीएम ने कमेटी से वन संपदा और पेयजल स्रोत को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। कमेटी ने निर्देशों के अनुसार अपनी रिपोर्ट जनवरी के अंत में सौंप दी थी, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस देरी को देखते यूथ फॉर हिमालया संस्था ने सूचना का अधिकार के तहत जानकारी हासिल की। प्राप्त सूचना के अनुसार पिछले वर्ष कार्य के दौरान संबंधित ठेकेदार ने 4,450 क्यूबिक मीटर मिट्टी को 10 स्थानों पर जंगल क्षेत्र में डंप किया। इस लापरवाही के चलते 32 पेड़ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें 27 चीड़ और पांच कायल प्रजाति के हैं। संवाद
मामले को दबाने की कोशिश की जा रही : अशोक
यूथ फॉर हिमालया संस्था के संयोजक अशोक ठाकुर ने कहा कि विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम न उठाने से यह साफ लगता है कि इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। वन भूमि पर जिस तरह अवैज्ञानिक तरीके से मलबा डाला गया है, वह विभागीय संरक्षण के बिना संभव नहीं है। मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बरसात में मिट्टी गाद का रूप ले लेती है और निचली तरफ के खेतों और घरों को नुकसान पहुंचता है। इसका उदाहरण बीते वर्षों की बरसात में देखने को मिला है।
ग्रामीणों ने की उचित कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीण संदीप वर्मा ने कहा कि तीन महीने बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने संबंधित विभाग के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग उठाई है। टियाली पंचायत के रणवीर सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण का जिम्मा लोक निर्माण विभाग के पास था। विभाग ने जानबूझ कर ढिलाई बरती है। मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले पर अधिकारियों ने कहा
-संयुक्त कमेटी ने मौके का निरीक्षण किया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - शशांक गुप्ता,
कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम
-- 32.09 लाख रुपये के नुकसान की रिपोर्ट एसडीएम और लोक निर्माण विभाग को भेज दी है। अभी तक संबंधित विभाग को नोटिस जारी नहीं किया गया है। जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा। विभाग के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। -मनीष रामपाल,
वन विभाग, डीएफओ ठियोग
-विभाग को इस मामले में अभी तक किसी प्रकार का नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। नोटिस मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।-- अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग ठियोग
-- जंगलों में डाली गई मिट्टी और पेयजल स्रोतों को हुए नुकसान को लेकर लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी किया है। नोटिस में जंगल से मिट्टी उठवाने और जरूरी जगहों पर क्रेट वॉल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल स्रोतों को नुकसान पहुंचाने पर अधिकतम एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। -- अर्पण ठाकुर,
जूनियर इंजीनियर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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32 पेड़ मलबे की चपेट में आने से हुए क्षतिग्रस्त, वन विभाग ने बनाई डैमेज रिपोर्ट
अभी तक डैमेज कॉस्ट की वसूली के लिए लोक निर्माण विभाग पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
सुनील ग्रोवर
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग की टियाली पंचायत में मलबे की अवैध डंपिंग से वन विभाग को 32.09 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। टियाली-नाहौल सड़क के निर्माण के दौरान लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने 4,450 क्यूबिक मीटर मलबा वन क्षेत्र में ठिकाने लगाया। इससे 32 पेड़ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। वन विभाग की बनाई डैमेज रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। वन विभाग ने डैमेज रिपोर्ट तैयार कर संयुक्त कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम ठियोग शशांक गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भेजी है। हैरानी की बात यह है कि जनवरी में तैयार की गई डैमेज कॉस्ट की उगाही के लिए अभी तक लोक निर्माण विभाग को कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने टियाली-नाहौल सड़क का चौड़ीकरण कार्य शुरू किया। इस सड़क के निर्माण कार्य के दौरान चियोग वन खंड की रतेश बीट के क्षेत्र में मलबा डालने पर स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग रखी। जनवरी में एसडीएम की अध्यक्षता में वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक संयुक्त कमेटी का गठन किया गया। एसडीएम और अन्य विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। एसडीएम ने कमेटी से वन संपदा और पेयजल स्रोत को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। कमेटी ने निर्देशों के अनुसार अपनी रिपोर्ट जनवरी के अंत में सौंप दी थी, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस देरी को देखते यूथ फॉर हिमालया संस्था ने सूचना का अधिकार के तहत जानकारी हासिल की। प्राप्त सूचना के अनुसार पिछले वर्ष कार्य के दौरान संबंधित ठेकेदार ने 4,450 क्यूबिक मीटर मिट्टी को 10 स्थानों पर जंगल क्षेत्र में डंप किया। इस लापरवाही के चलते 32 पेड़ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें 27 चीड़ और पांच कायल प्रजाति के हैं। संवाद
मामले को दबाने की कोशिश की जा रही : अशोक
यूथ फॉर हिमालया संस्था के संयोजक अशोक ठाकुर ने कहा कि विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम न उठाने से यह साफ लगता है कि इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। वन भूमि पर जिस तरह अवैज्ञानिक तरीके से मलबा डाला गया है, वह विभागीय संरक्षण के बिना संभव नहीं है। मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बरसात में मिट्टी गाद का रूप ले लेती है और निचली तरफ के खेतों और घरों को नुकसान पहुंचता है। इसका उदाहरण बीते वर्षों की बरसात में देखने को मिला है।
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ग्रामीणों ने की उचित कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीण संदीप वर्मा ने कहा कि तीन महीने बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने संबंधित विभाग के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग उठाई है। टियाली पंचायत के रणवीर सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण का जिम्मा लोक निर्माण विभाग के पास था। विभाग ने जानबूझ कर ढिलाई बरती है। मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले पर अधिकारियों ने कहा
-संयुक्त कमेटी ने मौके का निरीक्षण किया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - शशांक गुप्ता,
कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम
वन विभाग, डीएफओ ठियोग
-विभाग को इस मामले में अभी तक किसी प्रकार का नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। नोटिस मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जूनियर इंजीनियर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

उपमंडल ठियोग में सड़क निर्माण को दौरान अवैध रूप से ठिकाने लगाया मलबा। संवाद

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