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Rampur Bushahar News: लूहरी परियोजना प्रभावितों को हक दिलाने में सरकार, प्रशासन नाकाम
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भद्राश में आयोजित बैठक में लूहरी परियोजना प्रभावित चर्चा करते हुए। स्रोत : सभा
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. बैठक में 10 अगस्त को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने के लिए तैयार की रणनीति
. बार-बार समझौते होने के बाद भी प्रभावितों को नहीं मिल रहा फसल का मुआवजा
. रोजगार और प्रदूषण के मुआवजे को भी तरस रहे प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
लूहरी परियोजना के प्रभावित बीते लंबे समय से रोजगार, प्रदूषण और दरारों के मुआवजे को तरस रहे हैं। कई बार प्रदर्शन करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। शुक्रवार को लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी की बैठक भद्राश में हुई। बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों के लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई और 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए चर्चा की गई। बैठक को हिमाचल किसान सभा राज्य महासचिव राकेश सिंघा, डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और कृष्णा राणा ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसान, मजदूर विरोधी नीतियों को लागू कर किसानों व मजदूरों को लूटने का काम कर रही है। एक तरफ केंद्र सरकार अमेरिका, न्यूजीलैंड और यूरोपियन यूनियन के देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर किसानों को तबाह करने का काम कर रही है, वहीं मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए श्रम कानूनों को खत्म कर चार श्रम कानून लाए गए हैं। इससे मजदूरों को गुलाम बनाने और मजदूरों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम भी प्रभावितों की मांगों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। बार-बार समझौते होने और सहमति बनने के बाद भी बरकेली गांव, फाटी देहरा, बायल, गड़ेच में 2021-22 का फसल का मुआवजा नहीं दिया गया है। जिन परिवारों की परियोजना में जमीन लगी है, उनमें से भी 23 परिवार ऐसे हैं जिनको आज तक एकमुश्त राशि नहीं मिली है। इस पर किसान सभा के साथ सहमति बनी थी कि यह राशि तुरंत दी जाएगी लेकिन आज तक प्रभावित परिवारों को नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि नित्थर, भुट्टी, करांगला और बढ़ाच में मकानों में आईं दरारों का सर्वे होने पर भी मुआवजा नहीं दिया गया है। वहीं धूल से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया है। इस कारण प्रभावितों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि किसान सभा लूहरी प्रोजेक्ट प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर निरंतर संघर्ष कर रही है और आगे भी संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक लंबित मांगों का समाधान नहीं होगा। बैठक में प्रेम चौहान, हरदयाल कपूर, काकू कश्यप, ममता, कमलेश, नीना, सरोजनी, रेखा, कपिल, निहाल, नरेश, ऋषि, वीरेंद्र, ओम प्रकाश, डाटा राम जिष्टू, मोहर सिंह, जगत सिंह, अंकुश, चमन, बुद्धि सिंह और हीरा सहित अन्य मौजूद रहे।
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. बार-बार समझौते होने के बाद भी प्रभावितों को नहीं मिल रहा फसल का मुआवजा
. रोजगार और प्रदूषण के मुआवजे को भी तरस रहे प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
लूहरी परियोजना के प्रभावित बीते लंबे समय से रोजगार, प्रदूषण और दरारों के मुआवजे को तरस रहे हैं। कई बार प्रदर्शन करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। शुक्रवार को लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी की बैठक भद्राश में हुई। बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों के लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई और 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए चर्चा की गई। बैठक को हिमाचल किसान सभा राज्य महासचिव राकेश सिंघा, डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और कृष्णा राणा ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसान, मजदूर विरोधी नीतियों को लागू कर किसानों व मजदूरों को लूटने का काम कर रही है। एक तरफ केंद्र सरकार अमेरिका, न्यूजीलैंड और यूरोपियन यूनियन के देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर किसानों को तबाह करने का काम कर रही है, वहीं मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए श्रम कानूनों को खत्म कर चार श्रम कानून लाए गए हैं। इससे मजदूरों को गुलाम बनाने और मजदूरों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम भी प्रभावितों की मांगों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। बार-बार समझौते होने और सहमति बनने के बाद भी बरकेली गांव, फाटी देहरा, बायल, गड़ेच में 2021-22 का फसल का मुआवजा नहीं दिया गया है। जिन परिवारों की परियोजना में जमीन लगी है, उनमें से भी 23 परिवार ऐसे हैं जिनको आज तक एकमुश्त राशि नहीं मिली है। इस पर किसान सभा के साथ सहमति बनी थी कि यह राशि तुरंत दी जाएगी लेकिन आज तक प्रभावित परिवारों को नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि नित्थर, भुट्टी, करांगला और बढ़ाच में मकानों में आईं दरारों का सर्वे होने पर भी मुआवजा नहीं दिया गया है। वहीं धूल से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया है। इस कारण प्रभावितों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि किसान सभा लूहरी प्रोजेक्ट प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर निरंतर संघर्ष कर रही है और आगे भी संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक लंबित मांगों का समाधान नहीं होगा। बैठक में प्रेम चौहान, हरदयाल कपूर, काकू कश्यप, ममता, कमलेश, नीना, सरोजनी, रेखा, कपिल, निहाल, नरेश, ऋषि, वीरेंद्र, ओम प्रकाश, डाटा राम जिष्टू, मोहर सिंह, जगत सिंह, अंकुश, चमन, बुद्धि सिंह और हीरा सहित अन्य मौजूद रहे।