{"_id":"6a315496515fa93a010e0f5a","slug":"apeal-by-hati-samiti-nahan-news-c-177-1-nhn1002-181179-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: जनगणना में हाटी समुदाय के लोग अपनी जाति अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: जनगणना में हाटी समुदाय के लोग अपनी जाति अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज करें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सही आंकड़े केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए एसटी के रूप में पंजीकरण जरूरी
गिरिपार के ओबीसी समुदाय को ओबीसी और एसटी दोनों लाभ मिलने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। खंड हाटी समिति राजगढ़ के अध्यक्ष वेद प्रकाश ठाकुर ने गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय से जनगणना-2026 में अपनी जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के रूप में दर्ज करवाने की अपील की है। मंगलवार को राजगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जनगणना के 13वें कॉलम में हाटी समुदाय के लोगों को स्वयं को एसटी के रूप में पंजीकृत करना चाहिए, ताकि केंद्र सरकार तक समुदाय की सही जनसांख्यिकीय जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही गिरिपार के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान कर चुकी है और हिमाचल प्रदेश की जनजातियों की अधिसूची में हाटी समुदाय का नाम 11वें स्थान पर दर्ज है। ऐसे में समुदाय के लोगों को किसी प्रकार के भ्रम में नहीं पड़ना चाहिए और जनगणना में अपनी पहचान अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज करवानी चाहिए। गिरिपार क्षेत्र में ओबीसी समुदाय से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग के लोगों को ओबीसी और एसटी दोनों वर्गों के लाभ मिलने चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में लोग दोहरे लाभ प्राप्त कर रहे हैं तो गिरिपार के ओबीसी समुदाय को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गिरिपार के ओबीसी समुदाय का नाम अभी भी ओबीसी सूची में दर्ज है और अब उन्हें एसटी का दर्जा भी मिल चुका है। ऐसे में वे दोहरा लाभ लेने के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट कर गिरिपार के ओबीसी समुदाय के साथ न्याय करना चाहिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर, महासचिव विजय भारद्वाज, खंड उपाध्यक्ष विकल्प सिंह ठाकुर, केंद्रीय हाटी समिति के उपाध्यक्ष रविदत्त भारद्वाज, सुरेंद्र ठाकुर, राजकुमार ठाकुर, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
गिरिपार के ओबीसी समुदाय को ओबीसी और एसटी दोनों लाभ मिलने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। खंड हाटी समिति राजगढ़ के अध्यक्ष वेद प्रकाश ठाकुर ने गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय से जनगणना-2026 में अपनी जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के रूप में दर्ज करवाने की अपील की है। मंगलवार को राजगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जनगणना के 13वें कॉलम में हाटी समुदाय के लोगों को स्वयं को एसटी के रूप में पंजीकृत करना चाहिए, ताकि केंद्र सरकार तक समुदाय की सही जनसांख्यिकीय जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही गिरिपार के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान कर चुकी है और हिमाचल प्रदेश की जनजातियों की अधिसूची में हाटी समुदाय का नाम 11वें स्थान पर दर्ज है। ऐसे में समुदाय के लोगों को किसी प्रकार के भ्रम में नहीं पड़ना चाहिए और जनगणना में अपनी पहचान अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज करवानी चाहिए। गिरिपार क्षेत्र में ओबीसी समुदाय से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग के लोगों को ओबीसी और एसटी दोनों वर्गों के लाभ मिलने चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में लोग दोहरे लाभ प्राप्त कर रहे हैं तो गिरिपार के ओबीसी समुदाय को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गिरिपार के ओबीसी समुदाय का नाम अभी भी ओबीसी सूची में दर्ज है और अब उन्हें एसटी का दर्जा भी मिल चुका है। ऐसे में वे दोहरा लाभ लेने के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट कर गिरिपार के ओबीसी समुदाय के साथ न्याय करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर, महासचिव विजय भारद्वाज, खंड उपाध्यक्ष विकल्प सिंह ठाकुर, केंद्रीय हाटी समिति के उपाध्यक्ष रविदत्त भारद्वाज, सुरेंद्र ठाकुर, राजकुमार ठाकुर, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।