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Sirmour News: अदालती आदेश पर कब्जा हटाने पहुंची टीम, ग्रामीणों ने किया विरोध
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सूरजपुर कब्जा हटाने पहुंचे प्रशासनिक, राजस्व, पुलिस विभाग टीम के समक्ष अपनी बात रखते हुए ग्रामी
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सूरजपुर में धार्मिक संस्था की भूमि पर कार्रवाई टली, असहाय व्यक्ति को बेघर न करने की उठी मांग
मंदबुद्धि और निर्धन व्यक्ति का आशियाना बचाने की मांग, पुलिस बल कम होने से कार्रवाई टली
धार्मिक संस्था के केस जीतने पर कब्जा हटाया जाना है कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सूरजपुर के समीप स्थित एक धार्मिक संस्था से जुड़े भूमि विवाद को लेकर वीरवार को काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। अदालत से संबंधित भूमि विवाद में धार्मिक संस्था के पक्ष में फैसला आने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम कब्जा हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी।
इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों और धार्मिक संस्था के प्रतिनिधियों से असहाय एवं मंदबुद्धि व्यक्ति का आशियाना नहीं हटाने की अपील की। हालांकि, तहसीलदार पांवटा साहिब ने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेशों का पालन हर हाल में किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, धार्मिक संस्था और स्थानीय निवासी पृथ्वी सिंह के बीच भूमि को लेकर न्यायालय में विवाद चल रहा था। मामले में अदालत ने धार्मिक संस्था के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके अनुपालन में वीरवार को तहसीलदार पांवटा साहिब मस्तराम भारद्वाज, कानूनगो कमलेश कुमार, राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही सैकड़ों ग्रामीण वहां एकत्रित हो गए।
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गुरुद्वारा प्रबंधन समिति पांवटा के उपप्रधान हरभजन सिंह, स्थानीय पंचायत प्रधान मोहन सिंह सहोता, उपप्रधान गुरचरण सिंह, नंबरदार बलविंदर सिंह, पूर्व प्रधान दाता राम, अमरीक सिंह, अमरजीत सिंह और किशोरी लाल सहित कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
नंबरदार बलविंदर सिंह ने कहा कि अदालत का फैसला सर्वमान्य है, लेकिन प्रभावित व्यक्ति बेघर होने की आशंका से बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उसके लिए किसी अन्य स्थान पर आशियाना उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में धार्मिक संस्था के स्थानीय प्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपेक्षा है।
तहसीलदार पांवटा साहिब मस्तराम भारद्वाज ने बताया कि प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां एकत्रित हो गए थे। पुलिस बल पर्याप्त नहीं होने के कारण तत्काल कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेशों का पालन किया जाएगा और नियमानुसार सूरजपुर में कब्जा शीघ्र हटाया जाएगा।
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मंदबुद्धि और निर्धन व्यक्ति का आशियाना बचाने की मांग, पुलिस बल कम होने से कार्रवाई टली
धार्मिक संस्था के केस जीतने पर कब्जा हटाया जाना है कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सूरजपुर के समीप स्थित एक धार्मिक संस्था से जुड़े भूमि विवाद को लेकर वीरवार को काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। अदालत से संबंधित भूमि विवाद में धार्मिक संस्था के पक्ष में फैसला आने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम कब्जा हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी।
इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों और धार्मिक संस्था के प्रतिनिधियों से असहाय एवं मंदबुद्धि व्यक्ति का आशियाना नहीं हटाने की अपील की। हालांकि, तहसीलदार पांवटा साहिब ने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेशों का पालन हर हाल में किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, धार्मिक संस्था और स्थानीय निवासी पृथ्वी सिंह के बीच भूमि को लेकर न्यायालय में विवाद चल रहा था। मामले में अदालत ने धार्मिक संस्था के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके अनुपालन में वीरवार को तहसीलदार पांवटा साहिब मस्तराम भारद्वाज, कानूनगो कमलेश कुमार, राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही सैकड़ों ग्रामीण वहां एकत्रित हो गए।
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गुरुद्वारा प्रबंधन समिति पांवटा के उपप्रधान हरभजन सिंह, स्थानीय पंचायत प्रधान मोहन सिंह सहोता, उपप्रधान गुरचरण सिंह, नंबरदार बलविंदर सिंह, पूर्व प्रधान दाता राम, अमरीक सिंह, अमरजीत सिंह और किशोरी लाल सहित कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
नंबरदार बलविंदर सिंह ने कहा कि अदालत का फैसला सर्वमान्य है, लेकिन प्रभावित व्यक्ति बेघर होने की आशंका से बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उसके लिए किसी अन्य स्थान पर आशियाना उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में धार्मिक संस्था के स्थानीय प्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपेक्षा है।
तहसीलदार पांवटा साहिब मस्तराम भारद्वाज ने बताया कि प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां एकत्रित हो गए थे। पुलिस बल पर्याप्त नहीं होने के कारण तत्काल कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेशों का पालन किया जाएगा और नियमानुसार सूरजपुर में कब्जा शीघ्र हटाया जाएगा।