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Solan News: सोलन आयुर्वेदिक अस्पताल में स्वरोजगार के खुलेंगे रास्ते, 16 युवाओं को मिलेगी पंचकर्म ट्रेनिंग
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आयुष विभाग की ओर से विशेष शिविर के लिए तैयारियां तेज, एक साल का मिलेगा प्रशिक्षण
कोर्स के बाद खुद का क्लीनिक खोल सकेंगे युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पंडित दीन दयाल उपाध्याय जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आयुष विभाग ने एक बेहतरीन पहल की है। अस्पताल में जल्द ही 16 प्रतिभागियों को पंचकर्म की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। आयुष विभाग की ओर से इसके लिए तैयारियां पूरी मुस्तैदी से शुरू कर दी गई हैं।
खास बात यह है कि विभाग की ओर से पहली बार एक साल की लंबी अवधि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कोर्स पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों को विभाग की ओर से आधिकारिक प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसकी मदद से वे अपना खुद का पंचकर्म क्लीनिक खोल सकेंगे। इस एक वर्षीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पंचकर्म विशेषज्ञों की देखरेख में रहकर काम सीखने का मौका मिलेगा। उन्हें पंचकर्म की इन 5 मुख्य विधाओं के बारे में व्यावहारिक और सैद्धांतिक जानकारी दी जाएगी। इसमें वमन प्रक्रिया इससे शरीर से हानिकारक और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना, विरेचन प्रक्रिया इससे शरीर से मल और अंदरूनी गंदगी को साफ करना, नस्य प्रक्रिया इससे शरीर के ऊपरी हिस्से (सिर, नाक, गला) को शुद्ध करना, बस्ती प्रक्रिया इससे शरीर के निचले हिस्से और वात रोगों से जुड़े अंगों की शुद्धि और रक्त मोक्षण प्रक्रिया से शरीर से दूषित या विषाक्त रक्त को बाहर निकालना है।
मरीजों को मिलेगी राहत, युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के दोहरे फायदे देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां युवाओं को ट्रेनिंग पूरी करने के बाद स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर नए पंचकर्म क्लीनिक खुलने से मरीजों को हर छोटी-बड़ी बीमारी के लिए बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विभाग के अनुसार, इस कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
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कोट
आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में जल्द ही यह पंचकर्म प्रशिक्षण शुरू होने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को आयुर्वेदिक उपचार की बारीकियां सिखाकर उन्हें पैरों पर खड़ा करना है। एक साल का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।
-डॉ. अनिता गौतम कार्य प्रभारी, आयुर्वेदिक अस्पताल, सोलन
कोर्स के बाद खुद का क्लीनिक खोल सकेंगे युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पंडित दीन दयाल उपाध्याय जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आयुष विभाग ने एक बेहतरीन पहल की है। अस्पताल में जल्द ही 16 प्रतिभागियों को पंचकर्म की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। आयुष विभाग की ओर से इसके लिए तैयारियां पूरी मुस्तैदी से शुरू कर दी गई हैं।
खास बात यह है कि विभाग की ओर से पहली बार एक साल की लंबी अवधि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कोर्स पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों को विभाग की ओर से आधिकारिक प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसकी मदद से वे अपना खुद का पंचकर्म क्लीनिक खोल सकेंगे। इस एक वर्षीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पंचकर्म विशेषज्ञों की देखरेख में रहकर काम सीखने का मौका मिलेगा। उन्हें पंचकर्म की इन 5 मुख्य विधाओं के बारे में व्यावहारिक और सैद्धांतिक जानकारी दी जाएगी। इसमें वमन प्रक्रिया इससे शरीर से हानिकारक और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना, विरेचन प्रक्रिया इससे शरीर से मल और अंदरूनी गंदगी को साफ करना, नस्य प्रक्रिया इससे शरीर के ऊपरी हिस्से (सिर, नाक, गला) को शुद्ध करना, बस्ती प्रक्रिया इससे शरीर के निचले हिस्से और वात रोगों से जुड़े अंगों की शुद्धि और रक्त मोक्षण प्रक्रिया से शरीर से दूषित या विषाक्त रक्त को बाहर निकालना है।
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मरीजों को मिलेगी राहत, युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के दोहरे फायदे देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां युवाओं को ट्रेनिंग पूरी करने के बाद स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर नए पंचकर्म क्लीनिक खुलने से मरीजों को हर छोटी-बड़ी बीमारी के लिए बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विभाग के अनुसार, इस कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
कोट
आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में जल्द ही यह पंचकर्म प्रशिक्षण शुरू होने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को आयुर्वेदिक उपचार की बारीकियां सिखाकर उन्हें पैरों पर खड़ा करना है। एक साल का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।
-डॉ. अनिता गौतम कार्य प्रभारी, आयुर्वेदिक अस्पताल, सोलन