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Una News: जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
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पूर्व में टीबी से संक्रमित लोगों की एहतियातन जांच होगी
पंचायतों और सामाजिक संगठनों की भी ली जाएगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान फरवरी से शुरू होगा। इसके तहत नई पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने के साथ-साथ समाजसेवियों को निक्षय मित्र बनने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इस संबंध में विभाग की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में विशेष एसीएफ (एक्टिव केस फाइंडिंग) अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत प्रवासी लोगों के साथ-साथ पूर्व में टीबी से संक्रमित रहे लोगों की एहतियातन जांच की जाएगी। हर रविवार एसीएफ टीमें प्रवासी बस्तियों और औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचकर संभावित मरीजों की एक्स-रे व अन्य आवश्यक जांच करेंगी।
जिले में हजारों प्रवासी मजदूर भवन निर्माण, रेहड़ी-फड़ी और अन्य कार्यों में संलग्न हैं। इनमें से अधिकांश झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं, जहां क्षय रोग फैलने की आशंका अधिक रहती है। समय पर पहचान न होने से कई मरीज गंभीर अवस्था में पहुंच जाते हैं, जिससे मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रवासी क्षेत्रों में जाकर मौके पर ही स्क्रीनिंग करेंगी। इसके साथ ही पूर्व में टीबी से संक्रमित रहे लोगों की दोबारा जांच भी की जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय पंचायतों और समाजसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। वहीं समाज के संपन्न लोगों को निक्षय मित्र बनाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। ये सभी प्रयास जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे हैं।
कोट
जिले में टीबी मुक्त अभियान के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आगामी दिनों में विशेष रूप से एसीएफ अभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही निक्षय मित्र बनाने को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा। -डॉ. विशाल ठाकुर, जिला क्षय रोग अधिकारी, ऊना
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पंचायतों और सामाजिक संगठनों की भी ली जाएगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान फरवरी से शुरू होगा। इसके तहत नई पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने के साथ-साथ समाजसेवियों को निक्षय मित्र बनने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इस संबंध में विभाग की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में विशेष एसीएफ (एक्टिव केस फाइंडिंग) अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत प्रवासी लोगों के साथ-साथ पूर्व में टीबी से संक्रमित रहे लोगों की एहतियातन जांच की जाएगी। हर रविवार एसीएफ टीमें प्रवासी बस्तियों और औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचकर संभावित मरीजों की एक्स-रे व अन्य आवश्यक जांच करेंगी।
जिले में हजारों प्रवासी मजदूर भवन निर्माण, रेहड़ी-फड़ी और अन्य कार्यों में संलग्न हैं। इनमें से अधिकांश झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं, जहां क्षय रोग फैलने की आशंका अधिक रहती है। समय पर पहचान न होने से कई मरीज गंभीर अवस्था में पहुंच जाते हैं, जिससे मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रवासी क्षेत्रों में जाकर मौके पर ही स्क्रीनिंग करेंगी। इसके साथ ही पूर्व में टीबी से संक्रमित रहे लोगों की दोबारा जांच भी की जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय पंचायतों और समाजसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। वहीं समाज के संपन्न लोगों को निक्षय मित्र बनाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। ये सभी प्रयास जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे हैं।
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जिले में टीबी मुक्त अभियान के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आगामी दिनों में विशेष रूप से एसीएफ अभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही निक्षय मित्र बनाने को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा। -डॉ. विशाल ठाकुर, जिला क्षय रोग अधिकारी, ऊना