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Una News: अवैध कटान पर प्रहार, दौलतपुर क्षेत्र में लकड़ी से लदीं 16 गाड़ियां पकड़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 02 Mar 2026 05:04 AM IST
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दौलतपुर चौक क्षेत्र में अवैध लकड़ी के साथ पकड़ी गई गाड़ियां। स्रोत : विभाग
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चीड़ की लकड़ी से लदी एक गाड़ी के चालक के खिलाफ एफआईआर
प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी भी बरामद, कुछ के पास नहीं मिले वैध परमिट
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। प्रदेश में प्रतिबंधित लकड़ी कटान के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। दौलतपुर ब्लॉक की टीम ने एक साथ 16 लकड़ी से लदी गाड़ियों को पकड़कर अवैध तस्करी के नेटवर्क पर जोरदार चोट की है।
पकड़े गए वाहनों में से एक चीड़ की लकड़ी से लदी गाड़ी के चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा की चीड़ से लदी गाड़ी को अंब के धार गुजरां इलाके से भेजा गया था।
जानकारी के अनुसार वन विभाग की ओर से इस कार्रवाई को रविवार तड़के पांच से छह बजे के बीच अंजाम दिया गया। टीम ने 14 गाड़ियां दौलतपुर चौक, जबकि दो को आशापुरी बैरियर क्षेत्र में रोका। जांच में सामने आया कि कई वाहनों में प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ी लदी थी, वहीं कुछ के पास वैध परमिट ही नहीं थे। कार्रवाई का नेतृत्व डिप्टी रेंजर संजीव बीटन ने किया। टीम में राकेश कुमार (फॉरेस्ट गार्ड), देविंदर कुमार (फॉरेस्ट गार्ड) और अजय कुमार (फॉरेस्ट गार्ड) शामिल रहे।
पकड़ी गईं 14 गाड़ियां कांगड़ा और हमीरपुर क्षेत्र की बताई जा रही हैं, जबकि दो ऊना जिला से संबंधित हैं। आरोपी चालक लकड़ी को चोर रास्तों से पंजाब ले जाने की तैयारी में थे। वन विभाग के अनुसार जब्त की गई लकड़ी की अनुमानित कीमत प्रति वाहन तीन से पांच लाख रुपये आंकी जा रही है। इससे साफ है कि यह संगठित तस्करी का मामला है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले आमतौर पर एक-दो या अधिकतम तीन गाड़ियां ही पकड़ी जाती थीं, जबकि इस बार एक साथ 16 वाहनों की धरपकड़ ने माफिया की कमर तोड़ दी है।
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बॉक्स
कुछ वाहन चालक लकड़ी फेंककर भागे
विभाग के सूत्रों के अनुसार अवैध लकड़ी से लदी कुछ गाड़ियों को उनके चालक बीच रास्ते से वापस ले गए। इस दौरान गाड़ियों में लदी लकड़ी को किसी सूने स्थान पर फेंक दिया गया। बताया जा रहा कि विभाग ने अब उन स्थानों को चिह्नित कर लिया है, जहां लकड़ी फेंकी गई है। लकड़ी कहां से काटी गई और कौन इसमें आरोपी हैं, इसकी पड़ताल जारी है।
ध्यान रहे कि प्रदेश सरकार की ओर से लकड़ी कटान पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद तस्कर सक्रिय हैं, जो प्रदेश की वन संपदा को गंभीर खतरे में डाल रहा है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह कार्रवाई न केवल वन माफिया के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती कि वन विभाग अब शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रहा है।
कोट
विभाग की ओर से लकड़ी माफिया के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। सबसे अधिक ऐसे मामले गगरेट और दौलतपुर क्षेत्र में सामने आ रहे हैं। लोगों से अपील है कि अवैध कटान की जानकारी मिलते ही विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले नाम गुप्त रखकर कार्रवाई की जाएगी। - सुशील राणा,डीएफओ
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प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी भी बरामद, कुछ के पास नहीं मिले वैध परमिट
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। प्रदेश में प्रतिबंधित लकड़ी कटान के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। दौलतपुर ब्लॉक की टीम ने एक साथ 16 लकड़ी से लदी गाड़ियों को पकड़कर अवैध तस्करी के नेटवर्क पर जोरदार चोट की है।
पकड़े गए वाहनों में से एक चीड़ की लकड़ी से लदी गाड़ी के चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा की चीड़ से लदी गाड़ी को अंब के धार गुजरां इलाके से भेजा गया था।
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जानकारी के अनुसार वन विभाग की ओर से इस कार्रवाई को रविवार तड़के पांच से छह बजे के बीच अंजाम दिया गया। टीम ने 14 गाड़ियां दौलतपुर चौक, जबकि दो को आशापुरी बैरियर क्षेत्र में रोका। जांच में सामने आया कि कई वाहनों में प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ी लदी थी, वहीं कुछ के पास वैध परमिट ही नहीं थे। कार्रवाई का नेतृत्व डिप्टी रेंजर संजीव बीटन ने किया। टीम में राकेश कुमार (फॉरेस्ट गार्ड), देविंदर कुमार (फॉरेस्ट गार्ड) और अजय कुमार (फॉरेस्ट गार्ड) शामिल रहे।
पकड़ी गईं 14 गाड़ियां कांगड़ा और हमीरपुर क्षेत्र की बताई जा रही हैं, जबकि दो ऊना जिला से संबंधित हैं। आरोपी चालक लकड़ी को चोर रास्तों से पंजाब ले जाने की तैयारी में थे। वन विभाग के अनुसार जब्त की गई लकड़ी की अनुमानित कीमत प्रति वाहन तीन से पांच लाख रुपये आंकी जा रही है। इससे साफ है कि यह संगठित तस्करी का मामला है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले आमतौर पर एक-दो या अधिकतम तीन गाड़ियां ही पकड़ी जाती थीं, जबकि इस बार एक साथ 16 वाहनों की धरपकड़ ने माफिया की कमर तोड़ दी है।
बॉक्स
कुछ वाहन चालक लकड़ी फेंककर भागे
विभाग के सूत्रों के अनुसार अवैध लकड़ी से लदी कुछ गाड़ियों को उनके चालक बीच रास्ते से वापस ले गए। इस दौरान गाड़ियों में लदी लकड़ी को किसी सूने स्थान पर फेंक दिया गया। बताया जा रहा कि विभाग ने अब उन स्थानों को चिह्नित कर लिया है, जहां लकड़ी फेंकी गई है। लकड़ी कहां से काटी गई और कौन इसमें आरोपी हैं, इसकी पड़ताल जारी है।
ध्यान रहे कि प्रदेश सरकार की ओर से लकड़ी कटान पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद तस्कर सक्रिय हैं, जो प्रदेश की वन संपदा को गंभीर खतरे में डाल रहा है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह कार्रवाई न केवल वन माफिया के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती कि वन विभाग अब शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रहा है।
कोट
विभाग की ओर से लकड़ी माफिया के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। सबसे अधिक ऐसे मामले गगरेट और दौलतपुर क्षेत्र में सामने आ रहे हैं। लोगों से अपील है कि अवैध कटान की जानकारी मिलते ही विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले नाम गुप्त रखकर कार्रवाई की जाएगी। - सुशील राणा,डीएफओ