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Una News: रंग लाई लोगों की मुहिम, बंद नहीं होगा चिंतपूर्णी काॅलेज
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 02 Mar 2026 04:31 AM IST
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उपमुख्यमंत्री के आश्वासन से छात्रों ने ली राहत की सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद करने की अटकलों के बीच क्षेत्रवासियों की एकजुटता और लगातार विरोध ने आखिरकार रंग ला दिया है। अब यह महाविद्यालय बंद नहीं होगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के स्पष्ट आश्वासन के बाद कॉलेज के विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
कुछ समय से कॉलेज को बंद करने की चर्चाओं ने क्षेत्र में चिंता का माहौल बना दिया था। स्थानीय लोग, पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य लगातार कॉलेज को बचाने की मांग को लेकर आवाज उठा रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह महाविद्यालय उच्च शिक्षा का मुख्य केंद्र है, ऐसे में इसके बंद होने से सैकड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी।
इस मुद्दे को सबसे पहले प्रमुखता से उठाते हुए अमर उजाला ने भी कॉलेज बंद करने के विरोध में खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद यह विषय और अधिक चर्चा में आया। क्षेत्रवासियों का कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए दूर शहरों में पढ़ाई करना संभव नहीं है, इसलिए इस कॉलेज का संचालन जारी रहना बेहद जरूरी है।
लगातार विरोध और जनभावनाओं को देखते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद नहीं किया जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद कॉलेज परिसर में खुशी का माहौल देखा गया। छात्रों ने कहा कि अब वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र की जीत बताया है।
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भरवाईं (ऊना)। राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद करने की अटकलों के बीच क्षेत्रवासियों की एकजुटता और लगातार विरोध ने आखिरकार रंग ला दिया है। अब यह महाविद्यालय बंद नहीं होगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के स्पष्ट आश्वासन के बाद कॉलेज के विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
कुछ समय से कॉलेज को बंद करने की चर्चाओं ने क्षेत्र में चिंता का माहौल बना दिया था। स्थानीय लोग, पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य लगातार कॉलेज को बचाने की मांग को लेकर आवाज उठा रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह महाविद्यालय उच्च शिक्षा का मुख्य केंद्र है, ऐसे में इसके बंद होने से सैकड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी।
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इस मुद्दे को सबसे पहले प्रमुखता से उठाते हुए अमर उजाला ने भी कॉलेज बंद करने के विरोध में खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद यह विषय और अधिक चर्चा में आया। क्षेत्रवासियों का कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए दूर शहरों में पढ़ाई करना संभव नहीं है, इसलिए इस कॉलेज का संचालन जारी रहना बेहद जरूरी है।
लगातार विरोध और जनभावनाओं को देखते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद नहीं किया जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद कॉलेज परिसर में खुशी का माहौल देखा गया। छात्रों ने कहा कि अब वे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र की जीत बताया है।