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Una News: गगरेट में आपसी मतभेद होने से बिगड़ सकता है भाजपा का खेल
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 17 Jun 2026 07:52 AM IST
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ऊना। नगर निकाय अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायकों को वोट डालने की सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद जिला ऊना में सियासी समीकरणों में उलट फेर के आसार उभर कर सामने आए हैं। सबसे ज्यादा विकट परिस्थितियां नगर पंचायत गगरेट में बनी हैं। जहां पर भले ही सात पार्षदों की नगर पंचायत में सबसे ज्यादा बहुमत भाजपा समर्थित पार्षदों का है लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर दो बार हुई बैठक भी बेनतीजा साबित हुई है। यहां पर भाजपा के नेता दो बैठकों में बहुमत होने के बावजूद अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नहीं बना सके हैं। जिससे भाजपा गगरेट में अंदरखाते अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर आपस में ही मतभेद खड़े होने से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। भले ही नगर पंचायत टाहलीवाल में पांच भाजपा और दो कांग्रेस समर्थक पार्षद है और भाजपा के पक्ष में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनने की तस्वीर साफ नजर आ रही है। भले ही यहां पर विधायक अपने मत का भी प्रयोग करें, तब भी भाजपा के सियासी समीकरण यहां पर बदलते नजर नहीं आ रहे हैं। दूसरी ओर नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा में भी 9 पार्षदों में से 6 भाजपा और तीन कांग्रेस समर्थित पार्षद बने हैं, यहां पर भी भाजपा के पक्ष में ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तस्वीर साफ हो गई है, तो दूसरी ओर नगर परिषद संतोषगढ़ में भी 9 वार्ड में से 6 पार्षद बीजेपी और तीन पार्षद कांग्रेस समर्थित बने हैं। नगर परिषद संतोषगढ़ में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर भले ही खींचतान नजर आ रही है लेकिन आंकड़ों की गिनती के हिसाब से दूर-दूर तक कांग्रेस का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनता नजर नहीं आ रहा है। यहां पर भी भाजपा का स्पष्ट बहुमत होने के चलते और ऊपर से विधायक को भी वोट डालने के लिए अधिकृत होने के चलते भाजपा के पक्ष में ही पलड़ा भारी नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि ऊना जिला के नगर निकायों में भाजपा और कांग्रेस किन-किन नगर परिषदों और नगर पंचायत में अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनने में क्या चाल चलती है। इस ओर सब की नजरें टिकी हुई है। बता दें कि नगर पंचायत अंब और नगर पंचायत दौलतपुर चौक में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ताजपोशी हो चुकी है और अन्य नगर परिषद और नगर पंचायत में भाजपा और कांग्रेस में से किस दल का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष विधायक के वोट डालने के बाद बनता है। इस ओर जनता भी पसोपेश में है।