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जिला पर्यावरण योजना पर चर्चा को लेकर बैठक
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राजोरी। उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने जिले में पर्यावरण को साफ व स्वच्छ बनाने को लेकर चर्चा करने के मकसद से पर्यावरण योजना से संबंधित अधिकारियों के साथ बुधवार को बैठक की। बैठक में ठोस, तरल, प्लास्टिक, बायोमेडिकल, ई-कचरा प्रबंधन, जल गुणवत्ता प्रबंधन, ध्वनि प्रदूषण निगरानी एवं कचरा निस्तारण की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में जल और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों, अपशिष्ट और प्रदूषण को कम करने के लिए नई तकनीकों के कार्यान्वयन, जल निकायों के संरक्षण, कूड़ेदानों के उपयोग के बारे में जागरूकता, अपशिष्ट सामग्री के घर-घर संग्रह और खनन के प्रबंधन पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जानकारी ली और एनजीटी के निर्देशों और स्थानीय जरूरतों के अनुसार पर्यावरण योजना तैयार करने की सुविधा के लिए जिले में सटीक प्रदूषण स्तर की पहचान करने के लिए गहन अध्ययन करने को कहा।
जिले में अवैध खनन पर लगाम लगाने के संबंध में डीडीसी ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल्स ऑफिसर (डीएमओ) को निगरानी तेज करने और अवैध नदी तल निकासी में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने डीएमओ से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी निर्माण सामग्री सड़क के किनारे न फेंके। उपायुक्त ने सभी लाइन विभागों के अधिकारियों को समंवित तरीके से काम करने और जिले में एनजीटी निर्देश के प्रभावी कार्यान्वयन में अतिरिक्त प्रयास करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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बैठक में जल और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों, अपशिष्ट और प्रदूषण को कम करने के लिए नई तकनीकों के कार्यान्वयन, जल निकायों के संरक्षण, कूड़ेदानों के उपयोग के बारे में जागरूकता, अपशिष्ट सामग्री के घर-घर संग्रह और खनन के प्रबंधन पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जानकारी ली और एनजीटी के निर्देशों और स्थानीय जरूरतों के अनुसार पर्यावरण योजना तैयार करने की सुविधा के लिए जिले में सटीक प्रदूषण स्तर की पहचान करने के लिए गहन अध्ययन करने को कहा।
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जिले में अवैध खनन पर लगाम लगाने के संबंध में डीडीसी ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल्स ऑफिसर (डीएमओ) को निगरानी तेज करने और अवैध नदी तल निकासी में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने डीएमओ से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी निर्माण सामग्री सड़क के किनारे न फेंके। उपायुक्त ने सभी लाइन विभागों के अधिकारियों को समंवित तरीके से काम करने और जिले में एनजीटी निर्देश के प्रभावी कार्यान्वयन में अतिरिक्त प्रयास करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।