{"_id":"5f677f374159e738080fd2a5","slug":"coronavirus-reinfection-in-india-information-about-covid-19-reinfection-in-hindi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Coronavirus: कोरोना से ठीक हो चुके लोग दोबारा क्यों हो रहे हैं संक्रमित? जानें इसके बारे में सबकुछ","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Coronavirus: कोरोना से ठीक हो चुके लोग दोबारा क्यों हो रहे हैं संक्रमित? जानें इसके बारे में सबकुछ
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 20 Sep 2020 09:46 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
पिछले कुछ दिनों से दुनियाभर में कोरोना वायरस के दोबारा संक्रमण को लेकर खूब चर्चा हो रही है। इसका पहला मामला हांगकांग में देखने को मिला था जब एक व्यक्ति कोरोना से ठीक होने के कुछ महीनों बाद फिर से संक्रमित हो गया। इसके बाद भारत में भी कई जगहों पर दोबारा संक्रमण के मामले सामने आए। हालांकि भारत में अभी तक ऐसे मामलों की पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच दिल्ली से सटे फरीदाबाद में 23 लोगों के फिर से संक्रमित होने की सूचना मिली है। ईएसआईसी ने बुधवार को इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि शहर में 23 ऐसे लोगों में फिर से कोरोना का संक्रमण पाया गया है, जिन्हें पहले संक्रमण मुक्त बताया गया था। इनमें ईएसआईसी कॉलेज के स्टाफ भी शामिल हैं।
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
ईएसआईसी के मुताबिक, दोबारा संक्रमित पाए गए 23 लोगों में से ज्यादातर 30 दिन से लेकर 70 दिन के बाद दोबारा संक्रमित हुए हैं जबकि 2-3 लोग ऐसे भी हैं जो महज 20 दिन बाद ही दोबारा संक्रमित हो गए। बताया जा रहा है कि पहली बार संक्रमण के दौरान सभी लोगों में कोरोना के हल्के लक्षण पाए गए थे।
3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
ईएसआईसी के डिप्टी डीन डॉ. ए. के. पांडे के मुताबिक, 14 दिन के बाद कोरोना से लड़ने के लिए शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है, जो दो से ढाई महीने तक बनी रहती है। उन्होंने बताया कि, लेकिन जिन 23 लोगों को दोबारा संक्रमण हुआ है, उनमें से सिर्फ 30 फीसदी लोगों के शरीर में ही एंटीबॉडी बनी है, बाकी बचे 70 फीसदी लोगों के शरीर में एंटीबॉडी बनी ही नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. ए. के. पांडे का कहना है कि फिलहाल इसपर और शोध की जरूरत है, क्योंकि दोबारा संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं। उनके मुताबिक, पहली बार कोरोना के संक्रमण से ठीक होने के बाद या तो उन लोगों के शरीर में एंटीबॉडी विकसित नहीं हुई होगी या फिर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी कम है।
विज्ञापन
5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
कोरोना से ठीक होने के बाद भी सतर्क रहने की जरूरत
जिस तरह से दोबारा संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, ऐसे में जो लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उन्हें भी बाकी लोगों की तरह सतर्क रहने की जरूरत है। मास्क लगाने से लेकर हाथ धोने और सामाजिक दूरी का पालन उन्हें भी करना चाहिए, नहीं तो दोबारा संक्रमण का खतरा बना रहेगा।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।