क्या कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने में विटामिन डी मददगार साबित हो रही है? रिसर्चरों के बीच विटामिन डी को लेकर सवाल बहुत ही प्रमुखता से उठ रहा है। ब्रिटिश सरकार में सेहत और पोषण को लेकर काम करने वाली संस्था साइंटिफिक एडवाइजरी कमिशन ऑन न्यूट्रिशन और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड केयर एक्सलेंस ने कोरोना में विटामिन डी की भूमिका को लेकर रिपोर्ट तैयार की है।
क्या विटमिन डी से कोरोना वायरस को रोका जा सकता है? किन लोगों को लेना बेहद जरूरी
जिन्हें पूरे साल विटामिन डी अलग से लेने की है जरूरत-
- जो अक्सर घर से बाहर नहीं जाते हैं
- जो केयर होम में रहते हैं
- जिनकी त्वचा हमेशा कपड़ों से ढंकी रहती है
- जिनकी त्वचा भूरी या काली है, उन्हें भी विटामिन डी पर्याप्त नहीं मिल पाती है, क्योंकि वो भी लॉकडाउन में बाहर नहीं निकल पा रहे। ऐसे में इन्हें भी पूरे साल अलग से विटामिन डी लेनी चाहिए।
स्कॉटलैंड और वेल्स की सरकारों के अलावा उत्तरी आयरलैंड की पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने लॉकडाउन में इसी तरह की सलाह दी है।
हमें विटामिन डी की जरूरत क्यों?
यह बहुत ही आम लेकिन जरूरी तथ्य है कि मजबूत और स्वस्थ्य हड्डियों, दांत और मांसपेशियों के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं और बच्चों में सूखे की बीमारी हो जाती है। वयस्कों में इसकी कमी के कारण ऑस्टिमलेशा नाम की बीमारी हो जाती है।
रिर्सचरों ने यह भी कहा है कि विटामिन डी से शरीर में रोग प्रतिरोधी क्षमता प्रभावी रहती है और इससे संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। कुछ स्टडी का यह भी कहना है कि शरीर में विटामिन डी की पर्याप्त उलब्धता से सामान्य जुकाम और फ्लू से बचा जा सकता है।
हालांकि साइंटिफिक एडवाइजरी कमिटी ऑन न्यूट्रिशन (एसएसीएन) ने सीने में संक्रमण को रोकने में विटामिन डी से इलाज की बात समीक्षा की है और कहा है कि इसके पर्याप्त सबूत नहीं हैं, जिसके आधार पर कहा जाए कि इसके लिए विटामिन डी लेनी चाहिए।
क्या विटमिन डी से कोरोना को रोका जा सकता है?
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सलेंस ने विटमिन डी पर हुई रिसर्च की समीक्षा में बताया है कि इसके कोई सबूत नहीं हैं जिसके आधार पर कहा जाए कि विटामिन डी के सप्लिमेंट से कोविड-19 को रोका जा सकता है। लेकिन विशेषज्ञों की इस पर कोई दो राय नहीं है कि महामारी के वक्त में विटामिन डी के कई फायदे हैं और शरीर में इसकी मौजूदगी पर्याप्त बनाए रखने की जरूरत है।
बीएमजे न्यूट्रिशन, प्रिवेंशन एंड हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ''विटामिन डी खास चीजों के लिए दी जानी चाहिए न कि कोविड-19 के इलाज के तौर पर। यह बिल्कुल सच है कि अभी के वक्त में विटमिन डी की कमी एक वाजिब तर्क है। विटामिन डी हमारे शरीर में पर्याप्त रहे यह हमारी स्वस्थ जीवन शैली का हिस्सा है।'
कुछ रिसर्चरों का यह भी कहना है कि किसी व्यक्ति में विटामिन डी की कमी है और वो कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाता है तो उसे ठीक करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन कोरोना पीड़ितों में हार्ट की बीमारी भी आम है, ऐसे में किसी नतीजे पर पहुंचना आसान नहीं है।
लिवरपुल यूनिवर्सिटी में मेडिसिन के प्रोफेसर जॉन रोड्स का कहना है, 'विटामिन डी में संक्रमण-रोधी ताकत होती है और कुछ रिसर्च का कहना है कि वायरस के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता भी प्रभावित होती है। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते जिनका लंग्स बुरी तरह से प्रभावित हुआ है, उनमें विटामिन डी प्रासंगिक हो सकती है लेकिन इसके लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।'
