क्या होता है फेफड़ों का थर्ड स्टेज एडवांस कैंसर, जिससे पीड़ित हैं संजय दत्त! जानिए सबकुछ
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फेफड़ों के कैंसर की वजह
विशेषज्ञों की मानें तो इसकी तीन वजहें होती हैं।
- पहली, तंबाकू का सेवन करने या सिगरेट पीने से फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां होती हैं। इससे फेफड़ों के कैंसर का खतरा रहता है।
- दूसरी, फैक्ट्रियों या डीजल गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में बेंजीन गैस होती है, जो हवा को प्रदूषित करती है। इससे फेफड़ों के कैंसर का खतरा होता है।
- तीसरी, फेफड़ों का कैंसर आनुवांशिक भी हो सकता है। शरीर में मौजूद जीन में बदलाव की वजह से इस तरह का कैंसर होता है।
फेफड़ों के कैंसर के प्रकार
- विशेषज्ञों की मानें तो फेफड़ों के कैंसर दो प्रकार के होते हैं, पहला स्मॉल सेल लंग कैंसर और दूसरा नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर। इसमें स्मॉल सेल लंग कैंसर को ज्यादा खतरनाक माना जाता है, क्योंकि वह तेजी से फैलता है जबकि नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर, उसके मुकाबले कम तेजी से फैलता है। हालांकि होते दोनों ही खतरनाक हैं।
फेफड़ों के कैंसर के लक्षण
- तीन हफ्तों तक खांसी का होना और ठीक न होना
- सीने में दर्द की शिकायत
- सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में सांस फूलना
- बलगम में खून आना
- वजन का लगातार घटना
फेफड़ों के कैंसर के कितने स्टेज?
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के धर्मशिला कैंसर एंड रिसर्च हॉस्पिटल के डॉ. अंशुमन कुमार कहते हैं, फेफड़ों के कैंसर समेत हर तरह के कैंसर में तीन स्टेज ही होते हैं, जो इस प्रकार हैं-
- पहला यानी शुरुआती स्टेज - इस स्टेज में कैंसर की शुरुआत होती है। इसमें शरीर के किसी एक अंग में इसकी कोशिकाएं दो से चार, चार से आठ के हिसाब से बढ़नी शुरू होती हैं। हालांकि शुरुआती स्टेज में ऑपरेशन के जरिए शरीर के उस हिस्से को काटकर हटा दिया जाता है, जिसमें कैंसर के लक्षण पाए जाते हैं।
- दूसरा यानी बीच का स्टेज - इस स्टेज में कैंसर की कोशिकाएं शरीर के एक अंग से दूसरे अंग में फैलने लगती हैं। इसमें कीमो थेरेपी, रेडियो थेरेपी और ऑपरेशन तीनों को मिलाकर कैंसर मरीज का इलाज किया जाता है।
- तीसरा यानी एडवांस स्टेज - इस स्टेज में कैंसर की कोशिकाएं शरीर के दूसरे हिस्सों में पूरी तरह फैल जाती हैं। इसमें मरीज के ठीक होने की संभावना लगभग न के बराबर हो जाती है, लेकिन कीमोथेरेपी से इसका इलाज किया जा सकता है।

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