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MP Assembly Session Live: विधानसभा में 15 हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट पारित, मुख्य बजट पर चर्चा शुरू
MP Vidhan Sabha Budget Session Live:मध्यप्रदेश विधानसभा में अनुपूरुक बजट पारित हो गया है। इसके साथ ही मुख्य बजट पर चर्चा शुरू हो चुकी है। सत्र के दौरान विधानसभा में लाडली बहनों की राशि बढ़ाने को लेकर हंगामा हुआ। इसके अळावा भोपाल में एमबीबीएस छात्रा की मौत का मामला भी सदन में उठा।
लाइव अपडेट
भाजपा-कांग्रेस के प्रदर्शन पर सदन में हंगामा
बजट चर्चा के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चर्चा हुई। इसके अलावा गत दिनों भाजपा-कांग्रेस के प्रदर्शन और दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हुए टकराव पर विधानसभा का माहौल अचानक गरमा गया। कांग्रेस और भाजपा के विधायकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर हुआ। इससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालयों को निशाना बनाया गया। भोपाल और इंदौर में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। शेखावत ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने हमले किए। इस पर भाजपा विधायक शैलेन्द्र जैन ने पलटवार करते हुए कहा कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश की छवि धूमिल करने का काम किया है। जैन ने कहा कि उसी का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थर फेंके गए। उनके इस बयान के बाद सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
बहस के दौरान शेखावत ने कहा कि एआई समिट में चीन रोबो डॉग को भारत का बताया गया। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। इस बयान को लेकर सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। कई सदस्य अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध दर्ज कराने लगे। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। बाद में सभापति ने आपत्तिजनक शब्दों पर संज्ञान लेते हुए उन्हें कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए।
मुख्य बजट पर चर्चा सदन में शुरू
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सरकार आवश्यकता के हिसाब से राशि का प्रावधान करती है। कई सिंचाई परियोजना प्रदेश में चल रही हैं। उसकी आवश्यकता के अनुसार राशि का प्रावधान किया जाता है। इस प्रकार अलग- अलग विभागों की आवश्यकता अनुसार राशि जरूरत पड़ने पर आवंटित की जाती है। विधानसभा में तृतीय अनुपूरक बजट 2025-26 पारित हो गया है। इसके साथ ही मुख्य बजट पर चर्चा सदन में शुरू हो गई है।MP: कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर हुआ तेज
बजट चर्चा के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था और भाजपा–कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर विधानसभा का माहौल अचानक गरमा गया। कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर इतना तेज हुआ कि सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालयों को निशाना बनाया गया और भोपाल व इंदौर में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। शेखावत ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने हमले किए।
इस पर भाजपा विधायक शैलेन्द्र जैन ने पलटवार करते हुए कहा कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश की छवि धूमिल करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पत्थर फेंके गए। जैन के इस बयान के बाद सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
आपत्तिजनक टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
बहस के दौरान शेखावत की एक टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। इसे लेकर सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कई सदस्य अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध दर्ज कराने लगे। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए और सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। बाद में सभापति ने आपत्तिजनक शब्दों पर संज्ञान लेते हुए उन्हें कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए।
अनुपूरक बजट को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश विधानसभा में अनुपूरक बजट को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाया है। सिंघार ने कहा कि सरकार के पास वार्षिक बजट को लेकर स्पष्ट योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछला वार्षिक बजट 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपये का था, जबकि तीन बार पेश किए गए अनुपूरक बजट की कुल राशि लगभग 35 हजार करोड़ रुपये है। उनका कहना था कि यह राशि कुछ विभागों के वार्षिक बजट के बराबर या उससे कम है, फिर भी वित्त विभाग समुचित योजना बनाने में सफल नहीं हो पा रहा है।
वहीं, विधानसभा में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का तृतीय अनुपूरक बजट पारित हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जब सरकार से कुल कर्ज की राशि और उस पर दिए जा रहे ब्याज की जानकारी मांगी जाती है तो जवाब मिलता है कि इसकी जानकारी कैग की रिपोर्ट में देख लें। उन्होंने कहा कि यह जवाबदेही से बचने का तरीका है और सरकार को सदन में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस
मध्य प्रदेश विधानसभा में किसानों से जुड़े ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कर्ज, कपास और सोयाबीन को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट करने की मांग की।
इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री कभी भी वक्तव्य दे सकते हैं और नेता प्रतिपक्ष भी कभी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने जवाब में कहा, “उतावले मत होइए। आपके उतावलेपन से मैं उस दिन गर्म हो गया था।” उन्होंने यह भी कहा कि जब आप उतावले होते हैं तो मुंह से क्या-क्या निकलता है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वक्तव्य के बाद प्रति-उत्तर नहीं होना चाहिए और वक्तव्य के अलावा अन्य विषयवस्तु नहीं जोड़ी जानी चाहिए। सदन में इस दौरान कुछ देर के लिए तीखी नोकझोंक का माहौल रहा।
मध्य प्रदेश को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा- मुख्यमंत्री
मध्य प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार खेत से लेकर किसान तक व्यापक सुधार की दिशा में कार्य कर रही है और किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जा दाता और उद्यमी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। सोयाबीन में भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को लाभ मिला है और कमजोर पड़ रही मंडियां फिर से सक्रिय हुई हैं।
उन्होंने बताया कि सरसों पर भी भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपये निर्धारित है। मूंग के स्थान पर उड़द की बोवनी करने पर किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चना, मसूर और तुअर को लेकर प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।
बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का मुद्दा सदन में पहुंचा
मध्य प्रदेश विधानसभा में बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराब होने का मामला ध्यानाकर्षण के तहत उठाया गया। विधायक भैरों सिंह बापू, अनिरुद्ध मारू और तेजबहादुर सिंह ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का मुद्दा सदन में उठाया।
भैरों सिंह बापू ने कहा कि आगर मालवा, राजगढ़, नीमच सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश के कारण किसानों की फसलें खराब हुई हैं, लेकिन अब तक खराब फसलों का सर्वे नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ भी नहीं मिला है। सरकार को शत-प्रतिशत फसल नुकसान मानकर मुआवजा देना चाहिए।
इस पर मंत्री करण सिंह वर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि आगर मालवा और मंदसौर सहित कई जिलों में बारिश हुई है। सर्वे दलों को नुकसान के आकलन के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में कम बारिश हुई है, जहां नुकसान कम है। छह जिलों में ओलावृष्टि की भी सूचना है और वहां भी आकलन की कार्रवाई की जा रही है।
एमबीबीएस छात्रा रोशनी की आत्महत्या मामले पर जानें सदन में किसने क्या कहा?
मध्य प्रदेश विधानसभा में एमबीबीएस छात्रा रोशनी की आत्महत्या का मामला ध्यानाकर्षण के तहत उठाया गया। विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि समय पर रोशनी के परिजनों को मौत की खबर नहीं दी गई और परिजनों की अनुपस्थिति में ही पोस्टमार्टम कर दिया गया। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए कहा कि पुलिस उचित जांच नहीं कर रही है।
इस पर मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि रोशनी एक निजी छात्रावास में रह रही थी। गांधी मेडिकल कॉलेज में पांच डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया है। मृतका के सिर पर कोई चोट नहीं पाई गई है। मृतका का मोबाइल फोन जांचा गया है, जिसमें उसने स्वयं व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा था कि उसे एमबीबीएस की पढ़ाई समझ नहीं आ रही है। वह तीसरी मंजिल की ओर जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। मृतका के पास एसिड की बोतल मिली है। अब तक हत्या के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
मंत्री ने कहा कि पुलिस को सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई थी। मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। जिस कमरे में मृतका मिली थी, उसका दरवाजा अंदर से बंद था।
विधायक सेना महेश पटेल ने रोशनी की मौत की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि परिजनों को सूचना देर से दी गई और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आदिवासी समाज के उग्र प्रदर्शन की चेतावनी भी दी।
मंत्री ने कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान मृतका की माता उपस्थित थीं। एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें तीनों अधिकारी महिलाएं हैं। हम परिवार के साथ हैं। ऐसी घटना दोबारा न हो, यह सरकार की चिंता है। मेडिकल कॉलेज में मेंटर की व्यवस्था पहले से है। सेना महेश पटेल ने पुनः सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
मंत्री ने कहा कि एसआईटी सक्षम है और सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है। विधायक राजन मंडलोई ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। नए छात्रों की काउंसलिंग क्यों नहीं कराई जाती। पुलिस ने शुरू से ही इसे आत्महत्या मान लिया है और जातिगत भेदभाव के एंगल से जांच नहीं की गई।
मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि वे भी गांव से निकलकर इंजीनियरिंग कॉलेज गए थे और वहां कई चुनौतियों का सामना किया था। वे ओबीसी वर्ग से आते हैं, लेकिन उन्हें सभी वर्गों के गुरुजनों का स्नेह मिला। प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर जांच जारी है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस्तीफे पर जानें क्या बोले उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे
उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफे पर कहा कि हमने अपनी बात पार्टी फोरम में रख दी है। पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह मान्य होगा। मैं किसी के दबाव में नहीं हूं। आप यह क्यों नहीं मान रहे कि पारिवारिक कारण भी हो सकते हैं। मैं जनता को समय नहीं दे पा रहा हूं। मैंने जो प्रश्न पूछे थे, उन्हें यह कहकर निरस्त कर दिया गया कि वह बड़ा प्रश्न है। मेरा सात दिन पहले से आरक्षण था, मुझे शादी में जाना था।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष से मुझे कोई नाराजगी नहीं है। वे मेरे बड़े भाई जैसे हैं। भाजपा में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर कोई भाजपा का नेता कांग्रेस में आना चाहता है तो उसका स्वागत है। भाजपा विधायक भगवानदास जी मुझे कैंटीन में मिले थे। एक-दूसरे से बात करना कोई नई बात नहीं है।
हेमंत कटारे ने कहा कि वे क्या करेंगे, यह मीडिया तय नहीं करेगी, बल्कि वे स्वयं तय करेंगे। मैं बचपन से कांग्रेस का सिपाही हूं। भाजपा से लड़ाई में सबसे आगे रहूंगा। मैं पद के लिए लड़ाई नहीं लड़ता, अपनी तैयारी करता हूं। मेरी ट्रेन छूट गई थी, इसलिए विधानसभा में यह निर्णय लिया।
मध्य प्रदेश विधानसभा में ध्यानाकर्षण शुरू हुआ
मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से एक-दूसरे पर पथराव करने के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई गई। अध्यक्ष ने कांग्रेस की ओर से पंकज उपाध्याय और भाजपा की ओर से अभिलाष पांडे को नियमों के तहत चर्चा के लिए आवेदन देने को कहा।
वहीं, सदन में ध्यानाकर्षण शुरू हो गया है। भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह ने खुरई के शासकीय महाविद्यालय में रिक्त पदों की पूर्ति, स्टेडियम निर्माण तथा बी.एड. और विधि संकाय के नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की ओर उच्च शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित किया।