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Lucknow News: नौकरी के नाम पर 150 लोगों से एक करोड़ ठगे
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लखनऊ। नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 150 लोगों से एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। गोरखपुर, देवरिया और महाराजगंज के पीड़ितों ने विकासनगर थाने में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि फर्जी एनजीओ खोलकर क्षय रोग जागरूकता अभियान का काम दिलाने का झांसा देकर ठगी की गई है।
महाराजगंज के सदर स्थित करमहां निवासी चंद्रमणि तिवारी के मुताबिक करीब 10 वर्ष पहले उनकी मुलाकात देवरिया के तरकुलवा, भलुअनी निवासी पारसनाथ खरवार से हुई थी। उसने कुछ माह पहले बताया कि उसके एनजीओ को स्वास्थ्य विभाग का काम मिला है। उसके एनजीओ का नाम बेक फाउंडेशन व जीवन पथ फाउंडेशन है जो विकासनगर में है। इसमें कई पद रिक्त हैं, जिसका मासिक वेतन 31,500 से 90 हजार तक है। भर्ती के लिए लोगों को 90 हजार से 1,10,000 रुपये देने होंगे। झांसे में आकर उन्होंने व उनके साथी बताए गए दफ्तर पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात विपिन से हुई। इसके बाद फोन करके जल्दी रकम जमा करने का दबाव बनाने लगा।
आरोपी ने कहा कि अपनी टीम का गठन करना होगा, जिसके माध्यम से फील्ड में काम करेंगे। आपको क्षय रोग जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाना है। झांसे में आकर पीड़ितों ने रुपये दे दिए। इसके बाद पीड़ितों को महानगर स्थित होटल में प्रशिक्षण भी दिया गया और प्रताप सिंह ने जाली नियुक्ति पत्र थमा दिए।
प्रताप ने कहा कि फील्ड में कोई दिक्कत आए तो उससे संपर्क करें। जिलों के लिए चयनित लोग जब फील्ड पर निकले तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें बिठा लिया। पूछताछ में पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क किया तो सभी ने फोन बंद कर लिए। कार्यालय जाने पर वहां भी ताला लटका मिला।
डीसीपी से शिकायत के बाद उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़ितों में गाेरखपुर के सिंघड़िया के गरिमा पाठक, चिलुआताल के मुशीर अहमद और महाराजगंज के बरवा विद्यापति निवासी मनीषा पटेल भी शामिल हैं। विकासनगर इंस्पेक्टर का कहना है कि विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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महाराजगंज के सदर स्थित करमहां निवासी चंद्रमणि तिवारी के मुताबिक करीब 10 वर्ष पहले उनकी मुलाकात देवरिया के तरकुलवा, भलुअनी निवासी पारसनाथ खरवार से हुई थी। उसने कुछ माह पहले बताया कि उसके एनजीओ को स्वास्थ्य विभाग का काम मिला है। उसके एनजीओ का नाम बेक फाउंडेशन व जीवन पथ फाउंडेशन है जो विकासनगर में है। इसमें कई पद रिक्त हैं, जिसका मासिक वेतन 31,500 से 90 हजार तक है। भर्ती के लिए लोगों को 90 हजार से 1,10,000 रुपये देने होंगे। झांसे में आकर उन्होंने व उनके साथी बताए गए दफ्तर पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात विपिन से हुई। इसके बाद फोन करके जल्दी रकम जमा करने का दबाव बनाने लगा।
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आरोपी ने कहा कि अपनी टीम का गठन करना होगा, जिसके माध्यम से फील्ड में काम करेंगे। आपको क्षय रोग जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाना है। झांसे में आकर पीड़ितों ने रुपये दे दिए। इसके बाद पीड़ितों को महानगर स्थित होटल में प्रशिक्षण भी दिया गया और प्रताप सिंह ने जाली नियुक्ति पत्र थमा दिए।
प्रताप ने कहा कि फील्ड में कोई दिक्कत आए तो उससे संपर्क करें। जिलों के लिए चयनित लोग जब फील्ड पर निकले तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें बिठा लिया। पूछताछ में पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क किया तो सभी ने फोन बंद कर लिए। कार्यालय जाने पर वहां भी ताला लटका मिला।
डीसीपी से शिकायत के बाद उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़ितों में गाेरखपुर के सिंघड़िया के गरिमा पाठक, चिलुआताल के मुशीर अहमद और महाराजगंज के बरवा विद्यापति निवासी मनीषा पटेल भी शामिल हैं। विकासनगर इंस्पेक्टर का कहना है कि विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।