लखनऊ के हुसैनगंज के बर्लिंग्टन चौराहा पर बृहस्पतिवार रात सिटी बस का ब्रेक फेल होने से भीषण हादसा हो गया। बेकाबू बस ने सड़क पर खड़ी कार और सामने से आ रही स्कूटी में टक्कर मार दी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और तीन जख्मी हैं। दहशत से बस की सवारियां खिड़कियों से कूदकर भागीं। हादसे से भड़के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। चौराहे पर करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी रही। तोड़फोड़ और आगजनी की आशंका से मौके पर पहुंचे एएसपी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने आसपास के थानों की फोर्स बुलवा ली।
बीच चौराहे पर सिटी बस का ब्रेक फेल होने से भीषण हादसा, दो की दर्दनाक मौत, तीन जख्मी
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हादसे की फुटेज देखकर खड़े हो गए रोंगटे
खौफनाक हादसे की फुटेज दुर्गमा रेस्टोरेंट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। पुलिस ने फुटेज हासिल कर ली है। इन्हें देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। रात ठीक नौ बजकर एक मिनट पर बस में फंसी कार तेजी से आकर दुर्गमा रेस्टोरेंट के बाहर लगे बिजली के पोल से टकराई। कार के आते ही बायीं तरफ फुटपाथ से सफेद शर्ट पहना युवक रेस्टोरेंट के गेट के सामने आकर गिरा। इसके बाहर खड़ी बाइक और स्कूटी कार की टक्कर से गिर पड़ीं। आसपास खड़े लोगों में भगदड़ मच गई। दो युवकों ने सफेद शर्ट पहने युवक को उठाया, लेकिन तब तक शायद वह मर चुका था।
हादसे को याद कर दहशत में रो पड़ती है किशोरी
भीषण हादसे की याद करके स्कूटी सवार सुबोधिनी पांडेय की बेटी गौरी फफककर रो पड़ती है। उसने बताया कि मां के साथ घरेलू सामान खरीदने के लिए हुसैनगंज मार्केट गई थी। लौटते वक्त अचानक पीछे से किसी ने तेज टक्कर मारी। दोनों लगभग उड़ते हुए सड़क पर जा गिरीं। स्कूटी काफी दूर तक घिसटते हुए चली गई। क्या हुआ? कैसे हुआ? कुछ भी नहीं पता। गौरी ने बताया कि वह 11वीं की पढ़ाई कर रही है। उसके पिता पारितोष पांडेय की मौत हो चुकी है।
वाहनों के टुकड़े बता रहे थे हादसे की भयावहता
दुर्गामा रेस्टोरेंट के बाहर बिखरी चप्पलें और दूर तक फैले वाहनों के टुकड़े हादसे की भयावहता बयां कर रहे थे। कार का विंड स्क्रीन और दायां हिस्सा बस में फंसकर तो बायां हिस्सा बिजली के पोल से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। आसपास के लोगों का मानना था कि बस से उतरने के चक्कर में सवारियां खिड़की से कूद-कूदकर भाग रही थीं।
चलती-फिरती यमदूत हैं खटारा सिटी बसें
राजधानी की सड़कों पर खटारा सिटी बसें सवारियां ढो रही हैं। ड्राइवर इन्हें चलाने के इच्छुक नही हैं। लेकिन प्रबंधन ड्यूटी से हटाने का भय कायम कर उनसे काम ले रहा है। इस कारण आए दिन ब्रेक एवं स्टेयरिंग फेल होने की घटनाएं हो रही हैं। दुबग्गा एवं गोमतीनगर डिपो के ड्राइवरों एवं कंडक्टरों ने बताया कि डिपो की कार्यशाला से जो बसें सरकारी रिकॉर्ड में फिट होकर निकाली जाती उनकी क्रॉस चेकिंग नही होती। दुबग्गा डिपो का ड्राइवर ऐसी ही अनफिट बस लेकर होली के दिन आईआईएम रोड पर जा रहा था तो उसका स्टेयरिंग फेल हो गया। इसमें 35 सवारियां चोटिल हो गई थीं।