{"_id":"696cece8ac4f88a3e509e0ad","slug":"a-report-has-been-filed-against-the-headmistress-and-assistant-teacher-in-the-suicide-case-of-a-teacher-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षिका की आत्महत्या: 'बहुत पढ़ाकू बनती हो अवार्ड चाहिए...' ताने देने वाली प्रधानाध्यापिका पर रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षिका की आत्महत्या: 'बहुत पढ़ाकू बनती हो अवार्ड चाहिए...' ताने देने वाली प्रधानाध्यापिका पर रिपोर्ट दर्ज
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
सार
बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र में शिक्षिका की आत्महत्या मामले में प्रधानाध्यापिका व सहायक अध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में मृतका के पति ने दोनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने उमा के कार्यों की तारीफ की थी।
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन
विस्तार
बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र के उधवापुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शनिवार दोपहर सहायक अध्यापिका उमा वर्मा की आत्महत्या के मामले ने अब गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है। शिक्षिका के पति की तहरीर पर रविवार शाम पुलिस ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीतावती व सहायक अध्यापक सुशील वर्मा के विरुद्ध प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
Trending Videos
मृतका उमा के शिक्षक पति ऋषि वर्मा ने रविवार शाम सतरिख थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि घटना वाले दिन विद्यालय पहुंचने के बाद उनकी पत्नी ने फोन पर बताया था कि प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक द्वारा उनके साथ अभद्र, अपमानजनक और धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - मौनी अमावस्या: पांच लाख श्रद्धालुओं ने लगाई सरयू में डुबकी, राम मंदिर में पहुंचे लाखों लोग; भोर से दिखी लंबी कतारें
ये भी पढ़ें - कल से लखनऊ में जुटेंगे देश भर की विधानसभाओं के अध्यक्ष, लोकसभा अध्यक्ष रहेंगे मुख्य अतिथि; बदला रहेगा शहर का ट्रैफिक
उन्होंने बताया कि उमा बच्चों को पूरी लगन से पढ़ाती थी लेकिन यही समर्पण कुछ लोगों को खटकता था। रोज ताने मारे जाते थे कि ‘बहुत पढ़ाकू बनती हो, सरकार से अवार्ड चाहिए, बच्चों के लिए जान दे दो, फांसी लगाकर मर जाओ, हम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।' तहरीर में यह भी कहा गया है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक अक्सर देर से विद्यालय आते थे और उमा वर्मा के प्रति दुर्भावनापूर्ण व्यवहार रखते थे। उमा का जुड़ाव बच्चों से गहरा था और वह शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर समझौता नहीं करती थीं। यही बात कथित रूप से उनके लिए परेशानी का कारण बन गई।
बताया कि उमा के मार्गदर्शन दिए गए एक छात्र का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ था जिसके लिए उन्हें 11 नवंबर 2025 स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सराहना की गई थी। इसके बाद विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक का व्यवहार और अधिक कटु और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला हो गया। छोटी-छोटी बातों पर छींटाकशी, तंज और धमकियां आम हो गईं। आरोप लगाया कि घटना के बाद स्टाफ भाग गया मुझे सूचना तक नहीं दी। अभिभावकों से जानकारी मिलने पर ही वह विद्यालय पहुंचे।
