यूपी सियासत: चुनाव से पहले भितरघात और असंतोष पर अमित शाह करेंगे मंथन, संगठन और सरकार के कामकाज का लेंगे फीडबैक
यूपी विस चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पार्टी में भितरघात और असंतोष पर मंथन करेंगे। साथ ही संगठन और सरकार के कामकाज का फीडबैक लेंगे। कुछ विशिष्ट व्यक्तियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आगामी 30 और 31 अक्तूबर को भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद कोर कमेटी की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह संगठन और सरकार के कामकाज का फीडबैक लेने के साथ चुनावी तैयारियों के बारे में मंथन करेंगे और जीत का मंत्र देंगे। वह कुछ विशिष्ट व्यक्तियों से मुलाकात भी कर सकते हैं, जिन्हें प्रदेश संगठन द्वारा चिह्नित किया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शाह पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से भी अलग-अलग मुलाकात कर उनसे भी फीडबैक लेंगे। इसका उद्देश्य पार्टी में अंदरखाने पनप रहे असंतोष का पता लगाकर समाधान के उपाय तलाशना है। शाह संगठन के अलग-अलग मोर्चों के कामकाज का ब्योरा भी ले सकते हैं। जिलों में संगठनात्मक कार्यों की प्रगति और वर्तमान विधायकों के रिपोर्ट कार्ड का जायजा लेने के बाद आगे की रणनीति के बारे में दिशा-निर्देश दे सकते हैं।
कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश
शाह कार्यसमिति में अपने संबोधन में पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कवायद करेंगे ताकि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत सुनिश्चित की जा सके। शाह के दौरे को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का चुनावी आगाज माना जा रहा है। वह बैठक में मिशन-2027 की रणनीति, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर मंथन करेंगे।
बीते लोकसभा चुनाव में प्रदेश में पार्टी की सीटें घटने से सतर्कता बरती जा रही है। यही वजह है कि यूपी के चुनावी समर में शाह को उतारा जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं।