{"_id":"697356991b10363b6c04f85d","slug":"army-helped-territorial-army-daughter-lucknow-news-c-13-1-lko1068-1572933-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: सेना की मदद से दिवंगत प्रादेशिक सेना अधिकारी की बेटी के पैतृक आवास से हटवाए कब्जे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: सेना की मदद से दिवंगत प्रादेशिक सेना अधिकारी की बेटी के पैतृक आवास से हटवाए कब्जे
विज्ञापन
सेना की मदद से दिवंगत प्रादेशिक सेना अधिकारी की बेटी के पैतृक आवास से हटवाए कब्जे
विज्ञापन
Trending Videos
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया(मुफ्सा) की ओर से दिवंगत प्रादेशिक सेना अधिकारी की पुत्री अंजना भट्ट को उनको इंदिरानगर स्थित पैतृक आवास दोबारा दिलवाने में अहम भूमिका निभाई गई। उनके आवास पर असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया था।
मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि अंजना भट्ट एक दिवंगत टेरिटोरियल आर्मी अधिकारी की पुत्री हैं। तत्काल पारिवारिक सहयोग के अभाव में उनके पैतृक आवास पर असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया था। इससे उन्हें कानूनी मुश्किलों से गुजरना पड़ा। इसे देखते हुए मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया के तत्वावधान में सेना ने उनकी सुरक्षा, कल्याण और विधिसम्मत न्याय सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। सेना की इस पहल के अंतर्गत उनके कल्याण की निरंतर निगरानी की गई, आवश्यक संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया गया तथा स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर आवास पुनः दिलाया गया। मेजर विशाल कनौजिया को औपचारिक रूप से अंजना भट्ट का फोस्टर अभिभावक नियुक्त किया गया, ताकि संपूर्ण प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी और समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप ही पहली जनवरी को अवैध कब्जे को खाली करवाया जा सका।
लखनऊ। मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया(मुफ्सा) की ओर से दिवंगत प्रादेशिक सेना अधिकारी की पुत्री अंजना भट्ट को उनको इंदिरानगर स्थित पैतृक आवास दोबारा दिलवाने में अहम भूमिका निभाई गई। उनके आवास पर असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया था।
मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि अंजना भट्ट एक दिवंगत टेरिटोरियल आर्मी अधिकारी की पुत्री हैं। तत्काल पारिवारिक सहयोग के अभाव में उनके पैतृक आवास पर असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया था। इससे उन्हें कानूनी मुश्किलों से गुजरना पड़ा। इसे देखते हुए मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया के तत्वावधान में सेना ने उनकी सुरक्षा, कल्याण और विधिसम्मत न्याय सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। सेना की इस पहल के अंतर्गत उनके कल्याण की निरंतर निगरानी की गई, आवश्यक संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया गया तथा स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर आवास पुनः दिलाया गया। मेजर विशाल कनौजिया को औपचारिक रूप से अंजना भट्ट का फोस्टर अभिभावक नियुक्त किया गया, ताकि संपूर्ण प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी और समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप ही पहली जनवरी को अवैध कब्जे को खाली करवाया जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
