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असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती: बड़े अफसरों तक पहुंची पेपर लीक मामले की आंच, गोपनीय सहायक के संबंध बड़े अफसरों से

सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 09 Jan 2026 09:56 AM IST
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सार

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ गहराई से जांच कर रही हैं। जांच में कई बड़े अफसरों पर भी आंच आ रही है। एक बड़े अफसर पर विशेष तौर पर शक गहराया है।

Assistant Professor Recruitment: The heat of paper leak reaches senior officials
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड तत्कालीन आयोग अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय का गोपनीय सहायक महबूब अली था, जिसके तार कई बड़े अफसरों और कर्मचारियों तक जुड़े हो सकते हैं। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

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एसटीएफ अब तक महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, लेकिन नए सुराग मिलने के कारण विवेचना जारी है। सूत्रों के मुताबिक महबूब अली से बरामद मोबाइल और डिजिटल डाटा के विश्लेषण में कई वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े अहम साक्ष्य सामने आए हैं। एक बड़े अफसर पर विशेष तौर पर शक गहराया है। जिनके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिलेंगे, उनके विरुद्ध एसटीएफ कार्रवाई करेगी। दो से तीन और लोगों पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
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यह है पूरा मामला : गौरतलब है कि 16 व 17 अप्रैल 2025 को परीक्षा आयोजित हुई थी। 20 अप्रैल को एसटीएफ ने गोंडा के लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के सहायक प्रोफेसर बैजनाथ पाल, उसके भाई विनय पाल और महबूब अली को गिरफ्तार किया था। जांच पूरी होने के बाद सरकार ने भर्ती परीक्षा रद्द कर दी।

जला दी थीं प्रश्नपत्र की कॉपियां
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पेपर लीक के बाद सुबूत मिटाने की कोशिश की। जिन अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्रों की फोटो कॉपी दी गई थी, उनसे वापस लेकर उन्हें जला दिया गया, ताकि कोई भौतिक साक्ष्य न बचे। हालांकि मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल सबूतों के आधार पर एसटीएफ ने पूरे मामले का खुलासा किया। महबूब अली संविदा पर नियुक्त था, इसके बावजूद उसे अत्यंत संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी का उसने दुरुपयोग किया। इस पूरे प्रकरण के बाद तत्कालीन आयोग अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि निगरानी में हुई चूक के चलते पूरी भर्ती परीक्षा रद्द करनी पड़ी। सूत्रों के अनुसार उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।


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