अयोध्या: राम मंदिर CEO के लिए साक्षात्कार पूरे, आए थे साढ़े पांच हजार से ज्यादा आवेदन; ये लगाएंगे अंतिम मुहर
Ram Mandir CEO: राम मंदिर के सीईओ पद के लिए चल रहे साक्षात्कार पूरे हो गए है। सर्च कमेटी जल्द ही तीन नामों का पैनल राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप देगी।
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श्रीराम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पूरा हो गया है। सीईओ चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने 11 और 12 अगस्त को राम जन्मभूमि परिसर में अंतिम चरण के साक्षात्कार संपन्न कर लिए हैं। अब समिति तीन सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम नाम पर मुहर लगाएगा।
सर्च कमेटी ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह बहु-स्तरीय, पारदर्शी और योग्यता आधारित रही। अंतिम चरण के लिए देशभर से केवल 16 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जो कुल आवेदनों का 0.3 प्रतिशत से भी कम हैं।
इन उम्मीदवारों में सेना के पूर्व अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी तथा विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर शामिल रहे। सभी उम्मीदवारों की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच है।
समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम) और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। रक्षा, न्यायपालिका और प्रशासन के क्षेत्रों के अनुभवी सदस्यों ने उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और संस्थागत दृष्टिकोण का गहन मूल्यांकन किया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चयन प्रक्रिया के पहले चरण में कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3,877 उम्मीदवारों ने विस्तृत बायोडाटा प्रस्तुत किया। इसके बाद 1,580 आवेदनों का विस्तार से मूल्यांकन किया गया। दूसरे चरण में करीब 111 उम्मीदवारों का ऑनलाइन साक्षात्कार लिया गया, जिसमें उनकी संवाद क्षमता, नेतृत्व कौशल, पेशेवर अनुभव, व्यक्तित्व और तकनीकी समझ का आकलन किया गया।
ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद हुआ 16 उम्मीदवारों का चयन
ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद तीसरे और अंतिम चरण के लिए 16 उम्मीदवारों को अयोध्या बुलाया गया। आमने-सामने हुए साक्षात्कार में उम्मीदवारों की प्रबंधन क्षमता, रणनीतिक सोच, तकनीकी दक्षता, व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता की विस्तृत परीक्षा ली गई। सर्च कमेटी का कहना है कि अंतिम चरण में पहुंचे सभी उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां रखने वाले पेशेवर हैं। समिति अब इनका अंतिम मूल्यांकन कर तीन नामों का पैनल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेजेगी। अंतिम निर्णय ट्रस्ट की ओर से लिया जाएगा।
तीन चरणों में हुई चयन प्रक्रिया
- 1,580 आवेदनों का गहन मूल्यांकन कर करीब 111 उम्मीदवारों का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया।
- अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों को अयोध्या बुलाकर आमने-सामने साक्षात्कार किया गया।
- अब सर्च कमेटी तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद सीईओ के नाम की घोषणा होगी।
पांच लाख श्रद्धालु एक दिन में आ जाएं तो क्या करेंगे...
राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक सीईओ के चयन के लिए हुए साक्षात्कार में उम्मीदवारों की परीक्षा केवल उनके प्रशासनिक अनुभव और शैक्षिक योग्यता तक सीमित नहीं रही। उनसे मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन, धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत जीवनशैली से जुड़े सवाल भी पूछे गए। चयन समिति ने यह जानने की कोशिश की कि उम्मीदवार राम मंदिर जैसे धार्मिक और संवेदनशील संस्थान की जिम्मेदारी संभालने के लिए किस तरह की सोच रखते हैं।
सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों से पूछा गया कि यदि एक दिन में पांच लाख श्रद्धालु राम मंदिर पहुंच जाएं तो भीड़ को कैसे नियंत्रित करेंगे? श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था किस तरह बेहतर बनाई जा सकती है और इतनी बड़ी भीड़ के बीच सुरक्षा एवं सुविधा का संतुलन कैसे कायम रखा जाएगा, इस पर भी उनकी राय जानी गई। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार कैसा होना चाहिए, इसे लेकर भी सवाल किए गए।
इंटरव्यू में उम्मीदवारों की धार्मिक आस्था को भी परखा गया। उनसे पूछा गया कि आप कट्टर हिंदू हैं या सामान्य आस्थावान?, मांसाहारी तो नहीं हैं?, शिखा रखते हैं और जनेऊ धारण करते हैं या नहीं? धार्मिक और सामाजिक संगठनों से उनके जुड़ाव के बारे में भी जानकारी ली गई।
इसके साथ ही उम्मीदवारों से राम मंदिर के बारे में उनकी जानकारी, मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं, भविष्य की चुनौतियों और विकास को लेकर उनकी सोच पर सवाल किए गए। राम मंदिर के लिए उनका विजन, कार्ययोजना और महत्वपूर्ण सुझाव भी जाने गए।
किसी विशेष या असाधारण उपलब्धि के बारे में भी जानकारी मांगी गई। साक्षात्कार में यह भी परखा गया कि आपात स्थिति में उम्मीदवार कितनी तेजी से निर्णय ले सकते हैं और विभिन्न सरकारी एजेंसियों, सुरक्षा बलों तथा मंदिर प्रशासन के बीच किस तरह समन्वय स्थापित कर सकते हैं। यानी सीईओ पद के लिए हुई इस परीक्षा में आस्था से लेकर प्रशासन, नेतृत्व से लेकर भीड़ प्रबंधन और व्यक्तित्व से लेकर भविष्य की कार्ययोजना तक, हर पहलू को परखने की कोशिश की गई।