Lucknow: मंदिर में रह रहे बाबा की निर्मम हत्या, वारदात के कारणों की जांच कर रही पुलिस
लखनऊ के दुबग्गा इलाके में कॉलोनी के एक मंदिर में रह रहे एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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लखनऊ में दुबग्गा स्थित एक मंदिर के सेवादार कल्लू प्रजापति उर्फ बाबा (60) की बेरहमी से पिटाई कर गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपियों ने उनके शव को मंदिर के पास ही करीब पंद्रह फीट गहरे खाली प्लाट में फेंक दिया।
कल्लू के भाई ने आश्रयहीन कॉलोनी निवासी तीन युवकों के खिलाफ भाई की हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि नशे के विरोध और पुराने विवाद में आरोपियों ने कल्लू की हत्या का अंजाम दिया है।
दुबग्गा की आश्रयहीन कॉलोनी निवासी गुड्डू लोधी ने एक प्लाट में बने मंदिर बनवा रहा है। मंदिर में उन्नाव के हसनगंज के नेवतनी गांव निवासी कल्लू प्रजापति पिछले करीब 25 साल से सेवा करते थे और परिसर में ही तिरपाल डालकर रहते थे। शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों ने कल्लू का शव मंदिर से जुड़े 15 फीट गहरे खाली प्लाट में पड़ा देखा। उनके माथे व गले पर चोट के निशान थे।
सूचना पाकर मौके पर दुबग्गा पुलिस और एसीपी काकोरी शकील अहमद पहुंच गए। पुलिस ने छानबीन के लिए फॉरेंसिक टीम को बुला लिया। इंस्पेक्टर दुबग्गा श्रीकांत राय ने बताया कि मृतक के भाई पुत्तीलाल की तहरीर पर आश्रयहीन कॉलोनी निवासी अंकित तिवारी, राहुल रावत और राहुल कनौजिया के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
काफी दिनों से सेवादार को कर रहे थे आरोपी परेशान
कल्लू के भाई पुत्तीलाल के मुताबिक 16 जनवरी की रात अंकित तिवारी की स्कूटी जल गई थी। इसी घटना को लेकर वह कल्लू बाबा पर शक करता था। इस बात को लेकर पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी।
बृहस्पतिवार देर रात साढ़े दस बजे गांजा पीने के बाद अंकित दो साथियों राहुल रावत और राहुल कनौजिया के साथ मंदिर पहुंचा। आरोप है कि तीनों मंदिर पर लगे बिजली के तार हटाने लगे, जिसका कल्लू ने विरोध किया। तीनों ने मिलकर उन्हें बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
10 मीटर तक घसीट कर ले गए और गला कस कर दी हत्या
आरोपी मंदिर से लगभग दस मीटर दूर तक कल्लू को घसीट कर ले गए और मारपीट की। पास में ही स्थिति गुजरे नाले में औंधे मुंह डुबोकर डंडे से पीटा। इसके बाद चादर और पैंट से उनका गला कसकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी शव को घसीटते हुए पास के खाली मैदान में फेंक कर भाग निकले।
25 दिन पहले की थी मारपीट
सेवादार कल्लू के परिजनों का आरोप है कि 25 दिन पहले भी आरोपी युवकों ने मंदिर परिसर में घुसकर कल्लू प्रजापति उर्फ बाबा के साथ मारपीट की थी। मंदिर में रखी कुर्सियां, और अन्य सामान तोड़ कर खाली प्लाट में फेंक दिया था।
नशेड़ियों का कल्लू करते थे विरोध
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर परिसर में अराजकता की जड़ें काफी समय से पनप रही थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर के पड़ोस में बने एक मकान में पुलिस की शह पर एक महिला अपने भाई के साथ गांजा बेचती थी। कल्लू इस बात का काफी समय से विरोध कर रहे थे। उन्होंने नशेड़ियों के उत्पात और बाहरी लोगों के आने-जाने की शिकायत पुलिस से भी की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बुजुर्ग होने के कारण हर बार दबंग उन्हें डरा-धमकाकर चुप करा दिया।
कई लोग ने सुनी थी कल्लू की मदद की गुहार
मंदिर के पुजारी गुड्डू लोधी और उनके बेटे गोलू ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात उन्होंने कल्लू की बचाओ-बचाओ की चीखें कई लोगों ने सुनी थीं। लेकिन पास ही चल रहे शादी समारोह के शोर-शराबे में किसी ने ध्यान नहीं दिया।