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Lucknow News: रिश्वत लेने की आरोपी सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर को नहीं मिली जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 01 Feb 2026 02:46 AM IST
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लखनऊ। फर्मों को टैक्स में अवैध रूप से छूट देकर डेढ़ करोड़ की घूस मांगने और रिश्वत लेने की आरोपी झांसी की सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की जमानत अर्जी को एंटी करप्शन के विशेष न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार ने खारिज कर दिया है।
अभियोजन की ओर से बताया गया कि इस मामले में 30 दिसंबर 2025 को सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की थी। सीबीआई की ओर से बताया गया कि गुप्त सूचना मिली कि झांसी की सीजीएसटी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी व अधीक्षक अजय शर्मा अन्य आरोपियों के साथ मिलकर व्यापारिक कंपनियों व फर्मों को अवैध रूप से टैक्स में छूट दे रहे हैं। यही नहीं, मामला निपटाने के लिए रिश्वत ले रहे हैं।
18 दिसंबर 2025 को आरोपी सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी और अन्य अधिकारियों ने मेसर्स जय अंबे प्लाईवुड व मेसर्स जय दुर्गा हार्डवेयर झांसी के गोदामों पर टैक्स के संबंध में छापा मारा। इस दौरान टैक्स चोरी संबंधित कई सारे आपत्तिजनक दस्तावेज और अनक्लियर स्टॉक बरामद हुए थे। इसके बाद फर्म के मालिक लोकेश तुलानी, राजेंद्र मंगतानी और तेजपाल मंगतानी ने नरेश कुमार गुप्ता एडवोकेट के जरिये मामले को अवैध रूप से सेटल करने के लिए बोला। अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि सर्च के दौरान प्रभा भंडारी खुद मौजूद थीं। फर्मों से बहुत से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं, लेकिन कमिश्नर साहब से बात हो गई है। मामला 70 लाख रुपये में सेटल करवा देगा।
29 दिसंबर 2025 को नरेश कुमार ने फर्म के मालिक से कहा कि रिश्वत के पैसे प्रभा भंडारी को देने के लिए तैयार रखो। इस जानकारी के बाद सीबीआई की ट्रैप टीम ने 31 दिसंबर 2025 को आरोपी प्रभा भंडारी, अनिल कुमार तिवारी, अजय शर्मा, नरेश कुमार गुप्ता व राजेंद्र मंगतानी को रिश्वत के 70 लाख रुपये का लेन-देन करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
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अभियोजन की ओर से बताया गया कि इस मामले में 30 दिसंबर 2025 को सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की थी। सीबीआई की ओर से बताया गया कि गुप्त सूचना मिली कि झांसी की सीजीएसटी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी व अधीक्षक अजय शर्मा अन्य आरोपियों के साथ मिलकर व्यापारिक कंपनियों व फर्मों को अवैध रूप से टैक्स में छूट दे रहे हैं। यही नहीं, मामला निपटाने के लिए रिश्वत ले रहे हैं।
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18 दिसंबर 2025 को आरोपी सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी और अन्य अधिकारियों ने मेसर्स जय अंबे प्लाईवुड व मेसर्स जय दुर्गा हार्डवेयर झांसी के गोदामों पर टैक्स के संबंध में छापा मारा। इस दौरान टैक्स चोरी संबंधित कई सारे आपत्तिजनक दस्तावेज और अनक्लियर स्टॉक बरामद हुए थे। इसके बाद फर्म के मालिक लोकेश तुलानी, राजेंद्र मंगतानी और तेजपाल मंगतानी ने नरेश कुमार गुप्ता एडवोकेट के जरिये मामले को अवैध रूप से सेटल करने के लिए बोला। अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि सर्च के दौरान प्रभा भंडारी खुद मौजूद थीं। फर्मों से बहुत से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं, लेकिन कमिश्नर साहब से बात हो गई है। मामला 70 लाख रुपये में सेटल करवा देगा।
29 दिसंबर 2025 को नरेश कुमार ने फर्म के मालिक से कहा कि रिश्वत के पैसे प्रभा भंडारी को देने के लिए तैयार रखो। इस जानकारी के बाद सीबीआई की ट्रैप टीम ने 31 दिसंबर 2025 को आरोपी प्रभा भंडारी, अनिल कुमार तिवारी, अजय शर्मा, नरेश कुमार गुप्ता व राजेंद्र मंगतानी को रिश्वत के 70 लाख रुपये का लेन-देन करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
