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Chandra Grahan 2026: कल वर्ष का पहला चंद्रग्रहण, बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट, जानिए कब तक रहेगा सूतक

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 02 Mar 2026 06:49 PM IST
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सार

वर्ष 2026 का पहला चंद्रग्रहण तीन मार्च को दोपहर 3:20 से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। सूतक सुबह 9:20 बजे से प्रभावी होगा। ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। कर्क, सिंह, कन्या और मीन राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Chandra Grahan 2026: Tomorrow is the first lunar eclipse of the year, temples will remain closed, find out how
chandra grahan 2026 - फोटो : amar ujala
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विस्तार

इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को पड़ रहा है। ग्रहण के कारण होली से जुड़ा कार्य नहीं होगा। यह एक ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण होगा जो भारत के कुछ हिस्सों में दिखेगा। चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। ग्रहण का प्रारंभ भारत के किसी स्थान में दिखाई नहीं देगा क्योंकि चंद्रोदय होने से पूर्व ग्रहण प्रारंभ हो जाएगा।

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ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि खग्रास चंद्रग्रहण का मोक्ष भारत के सुदूर पूर्वी भागों में दिखाई देगा। देश के बाकी हिस्सों में खंड चंद्रग्रहण का मोक्ष ही दिखाई देगा। तीन मार्च को चंद्रोदय शाम 06:12 बजे पर होगा। 
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तीन मार्च को सूतक प्रात: 09:20 बजे से शाम 06:46 बजे तक रहेगा। यह ग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में दिखाई देगा। चंद्रोदय के समय ग्रहण का अंत रूस, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, श्रीलंका, मालदीव और हिंद महासागर में दिखाई देगा। यह ग्रहण सूर्य की राशि सिंह और पूर्वा फागुनी नक्षत्र में लगेगा।






 

मंदिर में प्रवेश और मूर्ति स्पर्श भी वर्जित

एसएस नागपाल के अनुसार, सूतक लग जाने पर मंदिर में प्रवेश करना मूर्ति को स्पर्श करना, भोजन करना, यात्रा आदि करना वर्जित है। बच्चे, वृद्ध और रोगी अति आवश्यक होने पर भोजन ले सकते हैं। भोजन सामग्री जैसे दूध, दही, घी इत्यादि में कुश या तुलसी का पत्ता रख देना चाहिए। ग्रहण मोक्ष के बाद पीने का पानी ताजा ले लेना चाहिए। 

गर्भवती महिलाएं पेट पर गाय के गोबर का पतला लेप लगा सकती हैं। ग्रहण अवधि में गर्भवती महिलाओं को नुकीली या धारदार वस्तुओं जैसे सुई, चाकू, कैंची आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इनका उपयोग गर्भस्थ शिशु पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। कुछ आध्यात्मिक उपाय भी इस समय लाभकारी माने जाते हैं। ग्रहण के दौरान ओम नमः शिवाय या इष्ट देव का स्मरण, मंत्र जप और विशेष रूप से चंद्र से संबंधित मंत्रों का उच्चारण सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है।

चंद्रग्रहण पर इन राशियों को रखनी चाहिए सावधानी

कर्क - चंद्रग्रहण कर्क राशि से दूसरे भाव में लगेगा। दूसरा भाव धन और कुटुंब का कारक माना जाता है। घर के लोगों के साथ वाद-विवाद मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। धन का लेन-देन करते समय सतर्क रहें वरना आर्थिक हानि हो सकती है। वाणी का इस्तेमाल सोच समझकर करना होगा।

सिंह - चंद्रग्रहण सिंह राशि में लगेगा। यह ग्रहण आपको मानसिक उलझनों में डाल सकता है। जीवनसाथी के साथ अनबन, तनाव और मानसिक अशांति का कारण बन सकती है। आर्थिक नुकसान हो सकता है। संतान की सेहत का ख्याल भी रखना होगा।

कन्या - द्वादश भाव में चंद्र ग्रहण लगेगा। इस ग्रहण के दौरान आपको सेहत को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। व्यय अधिक हो सकता है।
मीन राशि -चंद्रग्रहण छठे भाव में लगेगा जो कि शत्रुओं का भाव कहा जाता है। शत्रुओं की संख्या बढ़ा सकता है। उधार लेन-देन न करें, आर्थिक रूप से कमजोर हो सकते हैं।

 

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