लखनऊ। दिव्य प्रेम सेवा मिशन की ओर से शहीद पथ स्थित दयालबाग में श्री राधा माधव रसामृत कथा के दूसरे दिन वेदव्यास श्रीजी माहेश्वरी ने राधा रानी के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि राधा रानी का जन्मोत्सव भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को मनाया जाता है जिसे राधा अष्टमी भी कहा जाता है। आठ मार्च को नीतीश भारद्वाज अभिनीत महानाट्य चक्रव्यूह का मंचन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार, राधा जी का जन्म बरसाना के पास रावल गांव में राजा वृषभानु के घर एक कमल के फूल पर हुआ था, न कि गर्भ से। उन्होंने कृष्ण के दर्शन करने तक अपनी आंखें नहीं खोली थीं, जिसे राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम का प्रतीक माना जाता है। मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने मिशन के सनातन धर्म प्रचार और कुष्ठ-रोगियों के पुनर्वास के 30 वर्षीय सेवा कार्य की सराहना की। विधायक आनंद सिंह ने कहा कि धर्म-संस्कृति के साथ समाज के वंचित वर्ग की सेवा करना ही सच्चा सनातन मार्ग है। दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डाॅ. आशीष गौतम, कार्यकारी अध्यक्ष संजय चतुर्वेदी, आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश सिंह दयाल, संयोजक अमरजीत मिश्रा, राघवेंद्र सिंह, मानवेंद्र सिंह पटेल, अभिषेक सिंह आशु, रामानंद कटियार समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

शहीद पथ स्थित दयालबाग में श्री राधा माधव रसामृत कथा के दूसरे दिन मौजूद मुख्य अतिथि व अन्य।