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Lucknow News: डीआईओएस का आदेश लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी नए आदेश को लेकर शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। आदेश के तहत शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के डीआईओएस कार्यालय आने-जाने और सामूहिक रूप से मिलने पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। आम आदमी पार्टी(आप) शिक्षक प्रकोष्ठ ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया है।
आम आदमी पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने इस निर्णय पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन कोई आपराधिक संस्थाएँ नहीं हैं, बल्कि यह शिक्षकों की जायज माँगों को प्रशासन तक पहुँचाने का एक संवैधानिक माध्यम हैं। बिना पूर्व अनुमति के प्रवेश पर रोक और संवाद के रास्ते बंद करना तानाशाही रवैये को दर्शाता है। डीआईओएस का प्राथमिक दायित्व शिक्षकों की समस्याओं का पारदर्शी समाधान करना है, न कि असंतोष का माहौल बनाना। महेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि इस तुगलकी आदेश को तुरंत वापस नहीं लिया गया तो शिक्षक प्रकोष्ठ लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा। आप शिक्षक प्रकोष्ठ की प्रमुख मांगों में प्रतिबंधात्मक आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेना,शिक्षक-कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद की व्यवस्था शुरू होने तथा शिक्षकों की लंबित समस्याओं का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना शामिल है।
लखनऊ। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी नए आदेश को लेकर शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। आदेश के तहत शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के डीआईओएस कार्यालय आने-जाने और सामूहिक रूप से मिलने पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। आम आदमी पार्टी(आप) शिक्षक प्रकोष्ठ ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया है।
आम आदमी पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने इस निर्णय पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन कोई आपराधिक संस्थाएँ नहीं हैं, बल्कि यह शिक्षकों की जायज माँगों को प्रशासन तक पहुँचाने का एक संवैधानिक माध्यम हैं। बिना पूर्व अनुमति के प्रवेश पर रोक और संवाद के रास्ते बंद करना तानाशाही रवैये को दर्शाता है। डीआईओएस का प्राथमिक दायित्व शिक्षकों की समस्याओं का पारदर्शी समाधान करना है, न कि असंतोष का माहौल बनाना। महेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि इस तुगलकी आदेश को तुरंत वापस नहीं लिया गया तो शिक्षक प्रकोष्ठ लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा। आप शिक्षक प्रकोष्ठ की प्रमुख मांगों में प्रतिबंधात्मक आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेना,शिक्षक-कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद की व्यवस्था शुरू होने तथा शिक्षकों की लंबित समस्याओं का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना शामिल है।
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