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UP: पुराने नियमों से हो टीजीटी व पीजीटी भर्ती, युवाओं ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री को दिया ज्ञापन
Sun, 02 Aug 2026 08:16 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 02 Aug 2026 08:16 PM IST
सार
मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस पर सभी तथ्यों का परीक्षण कर छात्रहित में निर्णय लिया जाएगा। अनिल सिंह ने कहा कि नई नियमावली लागू करने से पहले अभ्यर्थियों को कोई अवसर नहीं दिया गया।
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माध्यमिक शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) व प्रवक्ता (पीजीटी) के लगभग 20 हजार खाली पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी कराने की मांग युवाओं ने की है। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह के नेतृत्व में रविवार को प्रतिनिधिमंडल ने माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी से मिलकर इसकी मांग की।
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प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि 16 सितंबर 2025 को नई नियमावली का गजट जारी होने से प्रदेश के लगभग 7 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। कई ऐसी शैक्षिक योग्यताएँ, जो पिछले कई वर्षों से शिक्षक भर्ती के लिए मान्य थीं। उन्हें अचानक समाप्त या बदल दिया गया, जिससे लाखों योग्य अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।
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मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस पर सभी तथ्यों का परीक्षण कर छात्रहित में निर्णय लिया जाएगा। अनिल सिंह ने कहा कि नई नियमावली लागू करने से पहले अभ्यर्थियों को कोई अवसर नहीं दिया गया। अचानक नियमावली बदलना युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय व विश्वासघात है। उन्होंने मांग की कि वर्तमान रिक्तियों पर विज्ञापन पुरानी नियमावली के आधार पर जारी किया जाए, ताकि सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
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उन्होंने ज्ञापन देते हुए कहा कि नई नियमावली में बीएड की अनिवार्यता, प्राविधिक कला सहित अनेक विषयों की पात्रता में परिवर्तन, हिंदी, संगीत, अंग्रेजी एवं शारीरिक शिक्षा सहित कई विषयों की योग्यता में बदलाव से लाखों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। जबकि इन नई योग्यताओं को प्राप्त करने में 2 से 5 वर्ष का समय लगता है। ऐसे में वर्तमान भर्ती को नई नियमावली से करना न्यायसंगत नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार अभ्यर्थियों की न्यायोचित मांगों की अनदेखी करती है तो युवा मंच प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन देने वालो में अधिवक्ता अमित पांडेय, अखिलेश वर्मा, केडी वर्मा, बृजेश सिंह, भानु शुक्ला, आरती सिंह, दीपिका मिश्रा, कपिल उपाध्याय, पंकज त्रिपाठी आदि शामिल थे।