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Lucknow News: कैंसर संस्थान के मानसिक राेग विभाग के अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
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डॉ. अभिनव तिवारी।
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लखनऊ। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान के मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभिनव तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक महीने के नोटिस के साथ अपना पद छोड़ा है। उनके इस्तीफे के बाद संस्थान में मनोरोग विभाग बंद हो जाएगा। इससे कैंसर के साथ ही मानसिक रोग के मरीजों की परेशानी बढ़ जाएगी।
संस्थान में करीब 300 बेड पर मरीज भर्ती किए जाते हैं। यहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवा संचालित होती है। ओपीडी में प्रतिदिन 400 से अधिक नए और पुराने मरीज आते हैं। इन मरीजों के इलाज व देखभाल का जिम्मा संस्थान के 33 नियमित डॉक्टरों पर है। एक डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर तैनात है। साथ ही, आठ डॉक्टर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय की तरफ से बॉन्ड के तहत तैनात किए गए हैं। इसके बावजूद, 70 से अधिक नर्स, पैरामेडिकल और अन्य श्रेणी के कर्मचारी नौकरी छोड़कर जा चुके हैं।
10 माह में रास नहीं आया संस्थान
डॉ. अभिनव तिवारी ने सितंबर 2025 में संस्थान जॉइन किया था। करीब 10 महीने की सेवा के बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।
इस्तीफों की मुख्य वजह कम वेतन
संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टरों के लगातार इस्तीफों का मुख्य कारण कम वेतन है। संस्थान में मिलने वाला वेतन अन्य सरकारी और स्वायत्त चिकित्सा संस्थानों से काफी कम है। इसी वजह से विशेषज्ञ डॉक्टर बेहतर अवसर मिलने पर संस्थान छोड़ रहे हैं। यदि वेतन और सुविधाओं में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में और इस्तीफे हो सकते हैं।
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चिकित्सा सेवाओं पर पड़ेगा असर
डॉक्टरों के इस्तीफों से संस्थान प्रशासन की मुसीबत बढ़ गई है। इसका सीधा असर चिकित्सा सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। कई विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और बढ़ सकती है। इससे मरीजों के इलाज में बाधा आ सकती है। संस्थान की शैक्षणिक और शोध गतिविधियां भी प्रभावित होने की आशंका है।
ये डॉक्टर पहले छोड़ चुके हैं संस्थान
डॉ. ब्रजेश मिश्र (प्लास्टिक सर्जरी - पूर्व विभागाध्यक्ष)
डॉ. मुक्ता वर्मा (प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी)
डॉ. एचएस पहवा (यूरोलॉजी)
डॉ. मयंक सिंह (न्यूरोसर्जरी)
डॉ. गौरव सिंह (डेंटिस्ट्री)
डॉ. बंदना शर्मा (गायनी ऑन्कोलॉजी)
डॉ. इंदु शुक्ला (ईएनटी)
डॉ. साईं सरन (क्रिटिकल केयर मेडिसिन)
डॉ. तनमय घाटक (क्रिटिकल केयर मेडिसिन)
डॉ. स्वाति भान (एनस्थीसिया)
डॉ. तापस कुमार सिंह (एनस्थीसिया)
डॉ. सौरभ विग (एनस्थीसिया)
डॉ. हिमांशु प्रिंस यादव (एनस्थीसिया)
डॉ. अश्वनी टंडन (पैथोलॉजी)
डॉ. पारुल जैन (माइक्रोबायोलॉजी)
डॉ. नितिन अरुण दीक्षित (रेडियोडायग्नोसिस)
डॉ. सोनम सुमन (न्यूक्लियर मेडिसिन)
डॉ. ईशा जफा (मेडिकल ऑन्कोलॉजी)
डॉ. अजित कुमार यादव (पीडियाट्रिक्स)
डॉ. सत्य प्रकाश (ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन)
डॉ. कनिका जैन (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन)
Iडॉ. अभिनव तिवारी ने एक महीने के नोटिस के साथ इस्तीफा दिया है। इस अवधि में नई नियुक्ति के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा, जिससे मरीजों को असुविधा न हो।I
I- डॉ. एमएलबी भट्ट, निदेशकI
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संस्थान में करीब 300 बेड पर मरीज भर्ती किए जाते हैं। यहां 24 घंटे इमरजेंसी सेवा संचालित होती है। ओपीडी में प्रतिदिन 400 से अधिक नए और पुराने मरीज आते हैं। इन मरीजों के इलाज व देखभाल का जिम्मा संस्थान के 33 नियमित डॉक्टरों पर है। एक डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर तैनात है। साथ ही, आठ डॉक्टर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय की तरफ से बॉन्ड के तहत तैनात किए गए हैं। इसके बावजूद, 70 से अधिक नर्स, पैरामेडिकल और अन्य श्रेणी के कर्मचारी नौकरी छोड़कर जा चुके हैं।
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10 माह में रास नहीं आया संस्थान
डॉ. अभिनव तिवारी ने सितंबर 2025 में संस्थान जॉइन किया था। करीब 10 महीने की सेवा के बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।
इस्तीफों की मुख्य वजह कम वेतन
संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टरों के लगातार इस्तीफों का मुख्य कारण कम वेतन है। संस्थान में मिलने वाला वेतन अन्य सरकारी और स्वायत्त चिकित्सा संस्थानों से काफी कम है। इसी वजह से विशेषज्ञ डॉक्टर बेहतर अवसर मिलने पर संस्थान छोड़ रहे हैं। यदि वेतन और सुविधाओं में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में और इस्तीफे हो सकते हैं।
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चिकित्सा सेवाओं पर पड़ेगा असर
डॉक्टरों के इस्तीफों से संस्थान प्रशासन की मुसीबत बढ़ गई है। इसका सीधा असर चिकित्सा सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। कई विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और बढ़ सकती है। इससे मरीजों के इलाज में बाधा आ सकती है। संस्थान की शैक्षणिक और शोध गतिविधियां भी प्रभावित होने की आशंका है।
ये डॉक्टर पहले छोड़ चुके हैं संस्थान
डॉ. ब्रजेश मिश्र (प्लास्टिक सर्जरी - पूर्व विभागाध्यक्ष)
डॉ. मुक्ता वर्मा (प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी)
डॉ. एचएस पहवा (यूरोलॉजी)
डॉ. मयंक सिंह (न्यूरोसर्जरी)
डॉ. गौरव सिंह (डेंटिस्ट्री)
डॉ. बंदना शर्मा (गायनी ऑन्कोलॉजी)
डॉ. इंदु शुक्ला (ईएनटी)
डॉ. साईं सरन (क्रिटिकल केयर मेडिसिन)
डॉ. तनमय घाटक (क्रिटिकल केयर मेडिसिन)
डॉ. स्वाति भान (एनस्थीसिया)
डॉ. तापस कुमार सिंह (एनस्थीसिया)
डॉ. सौरभ विग (एनस्थीसिया)
डॉ. हिमांशु प्रिंस यादव (एनस्थीसिया)
डॉ. अश्वनी टंडन (पैथोलॉजी)
डॉ. पारुल जैन (माइक्रोबायोलॉजी)
डॉ. नितिन अरुण दीक्षित (रेडियोडायग्नोसिस)
डॉ. सोनम सुमन (न्यूक्लियर मेडिसिन)
डॉ. ईशा जफा (मेडिकल ऑन्कोलॉजी)
डॉ. अजित कुमार यादव (पीडियाट्रिक्स)
डॉ. सत्य प्रकाश (ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन)
डॉ. कनिका जैन (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन)
Iडॉ. अभिनव तिवारी ने एक महीने के नोटिस के साथ इस्तीफा दिया है। इस अवधि में नई नियुक्ति के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा, जिससे मरीजों को असुविधा न हो।I
I- डॉ. एमएलबी भट्ट, निदेशकI