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UP News: यूपी में पकड़ी गई 2166 करोड़ की आईटीसी गड़बड़ी, बोगस फर्मों पर 345 FIR दर्ज; 9731 करोड़ की वसूली
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Fri, 06 Mar 2026 11:05 AM IST
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सार
यूपी में व्यापारी संवाद से राजस्व संग्रह बढ़ा है। फरवरी में 9731 करोड़ की वसूली हुई है। 2166 करोड़ की आईटीसी गड़बड़ी पकड़ी गई। बोगस फर्मों पर 345 FIR दर्ज की गई हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
जीएसटी
- फोटो : सांकेतिक
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में राज्य कर विभाग की ओर से सभी जिलों में कराए गए व्यापारी संवाद कार्यक्रम का असर दिखने लगा है। विभाग ने फरवरी में 9731 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर उपलब्धि हासिल की है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 352 करोड़ रुपये अधिक है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 103779 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया है जो बीते वर्ष की समान अवधि से 402 करोड़ ज्यादा है।
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राज्य कर विभाग ने जीएसटी 2.0 के तहत ई-इनवॉइस, ई-वे बिल और ऑनलाइन रिटर्न फाइलिंग प्रणाली को मजबूत कर करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाया है। इससे कर चोरी पर अंकुश लगाने के साथ-साथ स्वैच्छिक कर भुगतान को भी प्रोत्साहन मिला। प्रदेश के सभी 75 जिलों में हुए व्यापारी संवाद कार्यक्रमों में जीएसटी सुधार, रिटर्न फाइलिंग, ई-इनवॉइस और ई-वे बिल जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यालय स्तर पर जीएसटी हितधारकों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के साथ भी बैठकें की गईं।
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राज्य कर विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित रिटर्न स्क्रूटनी प्रणाली लागू की। इसके तहत 1.59 लाख करदाताओं के 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन संबंधी डाटा का विश्लेषण किया गया। बोगस फर्मों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। विभाग ने 2166 करोड़ रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) गड़बड़ी का खुलासा किया।
इस मामले में कुल 345 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें 228 केंद्रीय स्तर और 117 राज्य स्तर की कार्रवाई शामिल है। 86 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। 137 करोड़ रुपये की आईटीसी को ब्लॉक किया गया। प्रवर्तन और विशेष अन्वेषण इकाइयों की सक्रियता के चलते अब तक 1642 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जमा कराई गई है।
जीएसटी में 2406 करोड़ और वैट के तहत 711 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। कुल मिलाकर 3117 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1939 करोड़ अधिक है। ईंट-भट्ठा कारोबार से जनवरी 2026 में 47.62 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो दिसंबर की तुलना में दोगुने से अधिक है।
