कन्नौज जेल ब्रेक मामला: जेल अधीक्षक लापरवाही के दोषी, हटाए गए...पांच जेलकर्मी पहले ही हो चुके निलंबित
कन्नौज जेल ब्रेक मामले की जांच में जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद लापरवाही के दोषी पाए गए हैं। उन्हें जेल से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। सुरक्षा खामियों के बावजूद कार्रवाई न करने पर पहले ही पांच जेलकर्मी निलंबित हो चुके हैं।
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विस्तार
कन्नौज जेल से बंदियों के भागने की प्राथमिक जांच में जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद नियमों को दरकिनार करने और लापरवाही के दोषी पाए गए हैं। उन्हें कन्नौज जेल से हटाकर जेल मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। बता दें कि 5 जनवरी की सुबह कंबल की रस्सी बनाकर दो बंदी अंकित व शिवा जेल की दीवार फांदकर भाग गए थे।
मामले में जेलर विनय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, बैरक प्रभारी शिवेंद्र यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरन और वार्डर अतुल मिश्रा को निलंबित किया जा चुका है। जेल अधीक्षक भीमसेन मुकंद की भूमिका की जांच डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता ने की। इसमें पता चला कि जेल अधीक्षक को सुरक्षा खामियों की जानकारी थी। इसके बावजूद उन्होंने न तो इसमें सुधार किया और न ही उच्चाधिकारियों को जानकारी दी।
पार्टी में नियम-कानून हुए दरकिनार
जेल में हुई नए साल की पार्टी में देर रात तक आयोजन हुए। इस दौरान नियम-कानून दरकिनार किए गए। सूत्रों के मुताबिक, अधीक्षक ने जेल का सिक्योरिटी ऑडिट भी नहीं कराया था। ड्यूटी से जिम्मेदार अधिकारी नदारद थे। उनकी निगरानी करने वाला भी कोई नहीं था।
डीजी जेल पीसी मीना ने बताया कि जेल अधीक्षक को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच डीआईजी कानपुर परिक्षेत्र को सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।