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Holi 2026: होलिका दहन को लेकर आपके मन में भी है संशय तो जान लें शुभ मुहूर्त, साथ ही कब खेला जाएगा रंग?
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Mon, 02 Mar 2026 10:56 AM IST
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सार
Holi 2026: इस बार होलिका दहन को लेकर आपके मन में भी संशय है तो यह खबर पढ़ें और जान लें शुभ मुहूर्त कब है? साथ ही रंग कब खेला जाएगा? चंद्र ग्रहण का असर कब तक रहेगा?
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
इस बार होलिका दहन सोमवार को आधी रात के बाद या फिर मंगलवार को भोर में करना श्रेयस्कर माना जा रहा है। दो मार्च को भद्रा पुच्छ में रात 12:50 से रात 02:02 बजे तक या फिर भद्रा समाप्त होने के बाद तीन मार्च को भोर में 4:56 बजे के बाद भद्रारहित काल में होलिका दहन करना श्रेष्ठ है। रंग भरी होली 4 मार्च को खेली जाएगी।
लखनऊ के ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिए उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो लेकिन भद्रा मध्य रात्रि से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के पश्चात जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि यदि भद्रा मध्य रात्रि तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पूंछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। भद्रा मुख में होलिका दहन करना कतई उचित नहीं होता है। इस वर्ष होली दहन 2 और 3 मार्च को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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लखनऊ के ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिए उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो लेकिन भद्रा मध्य रात्रि से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के पश्चात जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि यदि भद्रा मध्य रात्रि तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पूंछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। भद्रा मुख में होलिका दहन करना कतई उचित नहीं होता है। इस वर्ष होली दहन 2 और 3 मार्च को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
