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Lucknow News: राजधानी के हर पेड़ का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, LDA का ऐप बताएगा कौन कितना कार्बन सोख रहा?

Tue, 11 Aug 2026 11:01 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 11 Aug 2026 11:01 AM IST
सार

राजधानी के हर पेड़ का डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाएगा। LDA का ऐप बताएगा कौन सा पेड़ कितना कार्बन सोख रहा है? आगे पढ़ें पूरी खबर...

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LDA app will show how much carbon tree is absorbing In Lucknow
पेड़-पौधे। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ में पर्यावरण संतुलन और शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए एलडीए नया मोबाइल एप तैयार कर रहा है। कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन असेसमेंट टूल नाम के इस एप के जरिये शहर के पार्कों में लगे पेड़ों की सेहत और उनके कार्बन अवशोषण की निगरानी की जाएगी। इससे यह पता चलेगा कि कौन सा पेड़ पर्यावरण से कितना कार्बन सोख रहा है। भविष्य में इसके आधार पर एलडीए कार्बन क्रेडिट का दावा भी कर सकेगा।

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एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि एप जल्द गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा। इसमें पेड़ की प्रजाति, तने का व्यास, उम्र और जीपीएस लोकेशन जैसी जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इन आंकड़ों के आधार पर पेड़ के कुल बायोमास और उसके जरिए सोखे गए कार्बन का आकलन किया जाएगा। 
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साथ ही यह जानकारी भी मिलेगी कि पेड़ सालाना कितनी ग्रीनहाउस गैसों को कम करने में मदद कर रहा है। शुरुआत में एप का परीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए एलडीए के 20 उद्यान अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। टीमें पार्कों में जाकर पेड़ों का डाटा एप पर दर्ज करेंगी और उनकी निगरानी करेंगी।

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इस तरह काम करेगा एप

एप के माध्यम से पार्क में मौजूद हर पेड़ को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान और जीपीएस स्थान दिया जाएगा। कर्मचारी पेड़ की प्रजाति और उसके तने का मोटाई एप में दर्ज करेंगे। एप का तने के आकार और पेड़ की उम्र के हिसाब से कुल बायोमास की गणना करेगा। इसी बायोमास के आधार पर यह पता चलेगा कि उस पेड़ ने अपने जीवनकाल में कुल कितना कार्बन सोखा है। यह भी जानकारी मिलेगी कि वह सालाना कितनी ग्रीन हाउस गैसों को वायुमंडल से कम कर रहा है।

कार्बन क्रेडिट का रास्ता खुलेगा

एलडीए के पास पार्कों से होने वाले कार्बन अवशोषण का प्रमाणित डाटा उपलब्ध होने पर भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत कार्बन क्रेडिट का दावा किया जा सकेगा। इसे भविष्य में वित्तीय लाभ या अन्य विकास कार्यों के लिए बेचा भी जा सकेगा। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार का कहना है कि एप की मदद से अधिक प्रदूषण वाले इलाकों की पहचान कर वहां पीपल, बरगद और नीम जैसे अधिक कार्बन सोखने वाले पेड़ लगाने की योजना भी बनाई जा सकेगी।

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