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Lucknow News: अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग को तोड़ने का एलडीए वसूलेगा खर्च
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25 जुलाई को ढहाई गई थी बिल्डिंग।
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लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग को ढहाने पर एलडीए का जितना पैसा खर्च हुआ, उसकी वसूली बिल्डिंग मालिक से की जाएगी। यह कितना होगा, यह एलडीए की समिति तय करेगी। इसको लेकर एक-दो दिन में समिति की बैठक होगी। उसके बाद वसूली का नोटिस बिल्डिंग मालिक को भेजा जाएगा। वसूली का यह पहला मामला भी होगा, क्योंकि अभी तक एलडीए की ओर से किसी भी ध्वस्तीकरण में आए खर्च की वसूली नहीं की गई है।
समिति में एलडीए के प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर, जोनल अधिकारी और लेखा विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह समिति बिल्डिंग के क्षेत्रफल और निर्माण के आधार पर जुर्माना तय करेगी। वैसे सूत्रों का कहना है कि खर्च पांच लाख रुपये से कम नहीं आएगा, क्योंकि बिल्डिंग करीब 2000 वर्ग फीट के प्लाॅट पर बेसमेंट के अलावा तीन मंजिला बनी थी। इसी तरह करीब आठ हजार वर्ग फीट में निर्माण था।
इस बिल्डिंग में 22 जून को आग लगने के बाद एलडीए ने 10 जुलाई को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था। 15 दिन का मौका बिल्डिंग मालिक को खुद तोड़ने के लिए दिया गया था। नोटिस में यह भी कहा गया था कि यदि तय समय में भवनस्वामी बिल्डिंग को नहीं तोड़ेगा तो एलडीए उसे ध्वस्त करेगा और उस पर आने वाला खर्च भी वसूल करेगा। बिल्डिंग मालिक ने तय समय में इमारत को ध्वस्त नहीं किया, जिसके बाद 25 जुलाई को एलडीए ने इसे ढहा दिया। इसमें कई बुलडोजर, अन्य मशीनें, कर्मचारी लगाए गए। मलबा उठाने के लिए ट्रक भी लगाए गए। कई थानों की पुलिस भी मौजूद रही।
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समिति में एलडीए के प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर, जोनल अधिकारी और लेखा विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह समिति बिल्डिंग के क्षेत्रफल और निर्माण के आधार पर जुर्माना तय करेगी। वैसे सूत्रों का कहना है कि खर्च पांच लाख रुपये से कम नहीं आएगा, क्योंकि बिल्डिंग करीब 2000 वर्ग फीट के प्लाॅट पर बेसमेंट के अलावा तीन मंजिला बनी थी। इसी तरह करीब आठ हजार वर्ग फीट में निर्माण था।
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इस बिल्डिंग में 22 जून को आग लगने के बाद एलडीए ने 10 जुलाई को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था। 15 दिन का मौका बिल्डिंग मालिक को खुद तोड़ने के लिए दिया गया था। नोटिस में यह भी कहा गया था कि यदि तय समय में भवनस्वामी बिल्डिंग को नहीं तोड़ेगा तो एलडीए उसे ध्वस्त करेगा और उस पर आने वाला खर्च भी वसूल करेगा। बिल्डिंग मालिक ने तय समय में इमारत को ध्वस्त नहीं किया, जिसके बाद 25 जुलाई को एलडीए ने इसे ढहा दिया। इसमें कई बुलडोजर, अन्य मशीनें, कर्मचारी लगाए गए। मलबा उठाने के लिए ट्रक भी लगाए गए। कई थानों की पुलिस भी मौजूद रही।

25 जुलाई को ढहाई गई थी बिल्डिंग।

25 जुलाई को ढहाई गई थी बिल्डिंग।
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