फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lethal Chinese Manjha Over dozen accidents in six months in UP yet sales continue unabated

जान लेता जा रहा चीनी मांझा: हवा में उड़े आदेश, UP में 6 माह में दर्जन से अधिक हादसे; फिर भी नहीं थम रही बिक्री

Tue, 18 Aug 2026 07:40 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 18 Aug 2026 07:40 AM IST
सार

हाईकोर्ट और सीएम के आदेश हवा में उड़ते दिख रहे हैं। चीनी मांझा जान लेता जा रहा है फिर भी बिक्री नहीं थम रही है। यूपी में 6 माह में दर्जनभर से अधिक हादसे सामने आ चुके हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Lethal Chinese Manjha Over dozen accidents in six months in UP yet sales continue unabated
चीनी मांझा। (सांकेतिक) - फोटो : संवाद

विस्तार

मौत के मांझे (चीनी मांझे) ने रविवार को गाजियाबाद के 25 साल के रवि राज की जिंदगी निगल ली। यही नहीं पिछले छह महीने में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में चीनी मांझे से एक दर्जन से अधिक बड़ी घटनाएं हुई हैं। ये घटनाएं तब हो रही हैं, जब मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर कार्रवाई के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निर्देश दे चुके हैं। वहीं हाईकोर्ट भी सख्त है। इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासन बेखबर है और लोगों की जान संकट में पड़ रही है। 

विज्ञापन

सीएम ने मांझे से मौत पर हत्या का केस दर्ज करने का दिया था निर्देश

5 फरवरी 2026 को सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि चीनी मांझे की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इससे किसी व्यक्ति की मौत होती है तो हत्या का केस दर्ज किया जाए। कुछ दिनों तक कार्रवाई चली। विभागों ने मांझे की जब्ती आदि के आंकड़े जारी कर पीठ थपथपाई, लेकिन हादसे रोक नहीं पाए। छह महीने में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लोग इसकी चपेट में आते रहे। 

विज्ञापन


18 फरवरी को एक बाइक सवार व उसकी पत्नी चीनी मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए थे। प्रयागराज में तीन मार्च को भरत प्रताप की गर्दन पर चीनी मांझे से गंभीर जख्म हुआ था। कई दिनों तक भर्ती रहे थे। 22 मार्च को लखनऊ में पिता के साथ जा रही बच्ची की गर्दन मांझे से कट गई थी। आधा दर्जन टांके लगे थे। 30 मार्च को प्रयागराज में मोहम्मद साहिल और उसी दिन मनोज त्रिपाठी व रामबाबू भी घायल हुए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


15 जून को बरेली में 15 वर्षीय आदित्य वीर गंगवार चीनी मांझे से घायल हुए। गर्दन, होंठ व कान पर गंभीर जख्म आए थे। 14 जुलाई को फर्रुखाबाद में 17 वर्षीय दानियाल की गर्दन मांझे से कटी, कई टांके लगे। इसी महीने गाजियाबाद में एक छात्र दो अंगुलियां चीनी मांझे से कट गईं। छात्र का नाम सामने नहीं आया। इन बड़ी घटनाओं के अलावा दर्जनों घटनाएं मांझे से हुई हैं, जिनमें लोग घायल हुए।

ये होता है चीनी माझा

चीनी मांझा चीन से नहीं आता है, बल्कि नायलॉन या प्लास्टिक जैसे पदार्थों से तैयार किए गए मांझे को ही चीनी मांझा कहा जाता है। इसको सिंथेटिक मांझा भी कहते हैं। इसकी मजबूती व धार बढ़ाने के लिए इस पर कांच, धातु या अन्य घर्षणकारी पदार्थ लगाए जाते हैं।

हाईकोर्ट ने कानून बनाने का दिया था आदेश

चीनी मांझे से हो रहे हादसों को लेकर हाईकोर्ट में भी मामला चल रहा है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से कहा था कि चीनी मांझे पर प्रतिबंध लगाएं और कानून बनाएं। ये इसलिए, जिससे बिक्री व इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके। मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में बताया है कि कानून प्रस्तावित है। तीन अगस्त को मामले में सुनवाई होनी थी, जो नहीं हो सकी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed