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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: अब तक मिले सिर्फ गड्ढे-धंसी सड़क, नहीं मिली दावा की गईं सुविधाएं; जल्दबाजी में खुला
Wed, 12 Aug 2026 07:05 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 12 Aug 2026 07:05 PM IST
सार
Lucknow Kanpur Expressway: आम जनता के लिए खोले जाने के बाद से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे विवादों में रहा है। विवादों के साथ यहां पर वह सुविधाएं भी नहीं हैं जिनके बारे में घोषणा की गई थी।
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बुरी हालत में है कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे।
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विस्तार
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगे इमरजेंसी फोन बूथ सिर्फ दिखावटी हैं। कहीं बूथ पर काॅल नहीं होती तो कहीं बूथ पर कंट्रोल रूम कर्मी से बातचीत ही नहीं हो पाती। स्पीकर व माइक खराब हैं, सो अलग। ऐसे ही सर्विस एंड रेस्ट एरिया भी अधूरे हैं। कानपुर से लखनऊ आने पर रेस्ट एरिया की जगह खाली मैदान पड़ा हुआ है।
नेशनल हाइवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई ने लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे को हड़बड़ी में शुरू करवा दिया। एक्सप्रेसवे पर न तो यात्री सुविधाएं विकसित की गईं। न ही सेफ्टी को लेकर किए गए दावों पर खरा उतरने के प्रयास किए। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस पर यात्री सुविधाओं का रिएलटी चेक किया, जिसमें हकीकत उजागर हो गई।
लखनऊ से कानपुर जाने पर किमी संख्या 58 पर लगे फोन बूथ में ग्रीन लाइट जल रही थी, लेकिन रेड लाइट गायब थी। बूथ का बटन काम नहीं कर रहा था। बटन को कई बार दबाने पर भी कंट्रोल रूम से कनेक्शन नहीं हो सका। दो किमी बाद किमी संख्या 60 पर लगा इमरजेंसी फोन बूथ काम कर रहा था। कंट्रोल रूम कर्मी से कनेक्ट भी हुआ। लेकिन कर्मी को आवाज ही नहीं सुनाई दे रही थी। कई बार बूथ से कनेक्ट किया गया, लेकिन कर्मी से बातचीत नहीं हो पाई। ऐसे ही कानपुर से लखनऊ वापसी पर भी बूथ बदहाल नजर आए। एनएचएआई अधिकारियों ने दावे किए थे कि इमरजेंसी फोन बूथ से यात्री को 15 मिनट के भीतर मदद मिलेगी।
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सर्विस एंड रेस्ट एरिया अधूरे
लखनऊ से कानपुर जाने पर एक्सप्रेसवे पर सर्विस एंड रेस्ट एरिया बनाया गया है। यहां एक छोटा सा रेस्टोरेंट है, जबकि पास में ही नई बिल्डिंग बन रही है। यहां शैाचालय हैं, लेकिन बेहद गंदे व बदबूदार। दूसरी ओर कानपुर से लखनऊ आने पर सर्विस एंड रेस्ट एरिया के लिए जगह चिन्हित हो गई है, लेकिन अभी वहां सिर्फ मैदान ही पड़ा हुआ है। सर्विस एरिया में यात्रियों को मेडिकल, रेस्ट, ईंधन, खानपान, पार्किंग आदि की सुविधाएं मिलनी हैं।
बगैर सुविधाएं टोल वसूलना गलत
विशेषज्ञ बताते हैं कि एक्सप्रेसवे पर सुविधाओं को पहले विकसित किया जाना चाहिए था। अभी बूथ काम नहीं कर रहे हैं। कंट्रोल रूम में बैठे कर्मियों से बात नहीं हो पा रही। सर्विस एंड एरिया तैयार नहीं हो सके हैं। सड़क की हालत भी अच्छी नहीं है। ऐसे में बगैर सुविधाओं को विकसित किए, एनएचएआई ने टोल वसूली शुरू कर दी थी, जोकि गलत है। हालांकि अभी टोल वसूली बंद है। मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली बंद रहेगी।
1033 हेल्पलाइन से मिल रही पूरी मदद
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एनएचएआई की हेल्पलाइन 1033 पूरी तरह काम कर रही है। हेल्पलाइन पर अमर उजाला की टीम ने काॅल की और गाड़ी खराब होने की बात कही। इसके बाद हेल्पलाइन से कर्मचारियों के फोन आते रहे और समस्या निस्तारित व संतुष्ट होने तक कर्मी डटे रहे। एंबुलेंस व पुलिस हेल्पलाइन भी काम करते मिले।
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नेशनल हाइवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई ने लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे को हड़बड़ी में शुरू करवा दिया। एक्सप्रेसवे पर न तो यात्री सुविधाएं विकसित की गईं। न ही सेफ्टी को लेकर किए गए दावों पर खरा उतरने के प्रयास किए। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस पर यात्री सुविधाओं का रिएलटी चेक किया, जिसमें हकीकत उजागर हो गई।
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लखनऊ से कानपुर जाने पर किमी संख्या 58 पर लगे फोन बूथ में ग्रीन लाइट जल रही थी, लेकिन रेड लाइट गायब थी। बूथ का बटन काम नहीं कर रहा था। बटन को कई बार दबाने पर भी कंट्रोल रूम से कनेक्शन नहीं हो सका। दो किमी बाद किमी संख्या 60 पर लगा इमरजेंसी फोन बूथ काम कर रहा था। कंट्रोल रूम कर्मी से कनेक्ट भी हुआ। लेकिन कर्मी को आवाज ही नहीं सुनाई दे रही थी। कई बार बूथ से कनेक्ट किया गया, लेकिन कर्मी से बातचीत नहीं हो पाई। ऐसे ही कानपुर से लखनऊ वापसी पर भी बूथ बदहाल नजर आए। एनएचएआई अधिकारियों ने दावे किए थे कि इमरजेंसी फोन बूथ से यात्री को 15 मिनट के भीतर मदद मिलेगी।
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सर्विस एंड रेस्ट एरिया अधूरे
लखनऊ से कानपुर जाने पर एक्सप्रेसवे पर सर्विस एंड रेस्ट एरिया बनाया गया है। यहां एक छोटा सा रेस्टोरेंट है, जबकि पास में ही नई बिल्डिंग बन रही है। यहां शैाचालय हैं, लेकिन बेहद गंदे व बदबूदार। दूसरी ओर कानपुर से लखनऊ आने पर सर्विस एंड रेस्ट एरिया के लिए जगह चिन्हित हो गई है, लेकिन अभी वहां सिर्फ मैदान ही पड़ा हुआ है। सर्विस एरिया में यात्रियों को मेडिकल, रेस्ट, ईंधन, खानपान, पार्किंग आदि की सुविधाएं मिलनी हैं।
बगैर सुविधाएं टोल वसूलना गलत
विशेषज्ञ बताते हैं कि एक्सप्रेसवे पर सुविधाओं को पहले विकसित किया जाना चाहिए था। अभी बूथ काम नहीं कर रहे हैं। कंट्रोल रूम में बैठे कर्मियों से बात नहीं हो पा रही। सर्विस एंड एरिया तैयार नहीं हो सके हैं। सड़क की हालत भी अच्छी नहीं है। ऐसे में बगैर सुविधाओं को विकसित किए, एनएचएआई ने टोल वसूली शुरू कर दी थी, जोकि गलत है। हालांकि अभी टोल वसूली बंद है। मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली बंद रहेगी।
1033 हेल्पलाइन से मिल रही पूरी मदद
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एनएचएआई की हेल्पलाइन 1033 पूरी तरह काम कर रही है। हेल्पलाइन पर अमर उजाला की टीम ने काॅल की और गाड़ी खराब होने की बात कही। इसके बाद हेल्पलाइन से कर्मचारियों के फोन आते रहे और समस्या निस्तारित व संतुष्ट होने तक कर्मी डटे रहे। एंबुलेंस व पुलिस हेल्पलाइन भी काम करते मिले।