लखनऊ: शहरवासियों को बड़ी राहत, अब एक ही जगह पर जमा होंगे हाउस और वाटर टैक्स; इतने लाख लोगों को लाभ
House Tax in Lucknow: लखनऊ शहरवासियों को एक बड़ी राहत मिलने जा रही है। एक अप्रैल से उन्हें हाउस और वाटर टैक्स जमा करने के लिए अलग-अलग ऑफिस नहीं जाना होगा।
विस्तार
अप्रैल से गृहकर और जलकर के बिल एक हो जाएंगे। इस कारण इन्हें जमा करने के लिए अलग-अलग कार्यालयों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। दोनों बिल एक करने के लिए एनआईसी (नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर) ने अपडेट सॉफ्टवेयर तैयार किया है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे करीब साढ़े पांच लाख आबादी को सहूलियत मिलेगी।
शासन के आदेश के बाद करीब एक वर्ष से चल रही गृहकर और जलकर बिल को एक करने की कवायद पूरी हो गई है। एक अप्रैल से नए बिल में ये दोनों एक होंगे। लोग नगर निगम के ही काउंटर पर इन्हें जमा कर सकेंगे। भवनस्वामी को यह सुविधा भी मिलेगी कि वह आर्थिक सहूलियत के हिसाब से दोनों बिलों को दो बार में जमा कर सकेगा। एक बार में ही दोनों बिल अदा करने की बंदिश नहीं है। गृहकर और जलकर पर मिलने वाली छूट पहले की तरह जारी रही। बिल पर गृहकर और जलकर का विवरण अलग-अलग रहेगा, जिससे दोनों की रकम आसानी से पता चल जाएगी।
बिल एक करने को यह करना पड़ा काम
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह व जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि पहले जलकल और नगर निगम का आंकड़ा मिलाया गया। फिर इन्हें एक साथ किया गया। जलकल विभाग करीब साढ़े पांच लाख भवनों से जलकर व सीवर कर वसूलता है। इन भवनों का नगर निगम के गृहकर रिकॉर्ड में दर्ज भवनों से मिलान किया गया। जलकल वहीं से कर वसूलता है जहां पानी या सीवर की लाइन भवन के 100 मीटर के दायरे में हो। जिन इलाकों में यह सुविधा नहीं है, वहां जलकर नहीं लिया जाता है। नगर निगम उन सभी इलाकों के घरों से गृहकर लेता है, जो उसकी सीमा में हैं।
बिल एक होने से ये होंगे फायदे
- भवनस्वामी को नामांतरण कराने के लिए दो विभाग जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- जलकल विभाग को जलकर वसूली के लिए अपने कर्मचारी नहीं लगाने पड़ेंगे।
- जलकल विभाग अलग-अलग महीनों में बिल जारी करता है। नई व्यवस्था में एक साथ ही बिल जारी हो जाएंगे।
-गृहकर संशोधित होने पर जलकर में संशोधन के लिए जलकल विभाग नहीं जाना पड़ेगा।
