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Lucknow: सिजेरियन के 12 घंटे बाद प्रसूता और एक नवजात की मौत, दूसरे नवजात की हालत गंभीर
Mon, 17 Aug 2026 10:03 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:03 PM IST
सार
परिजनों ऑपरेशन के करीब 12 घंटे में ही नवजात की मौत हो गई। कुछ देर बाद रिंकी की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में परेशानी हुई। परिजनों ने डॉक्टरों से उपचार की गुहार लगाई, लेकिन कुछ देर बाद रिंकी ने भी दम तोड़ दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : ANI
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विस्तार
लखनऊ के गुडंबा के कुर्सी रोड स्थित मैनकाइंड हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन के करीब 12 घंटे के भीतर प्रसूता और उसके जुड़वा बच्चों में से एक की मौत हो गई। दूसरे नवजात की हालत गंभीर है और उसे एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही बकाया बिल जमा न करने पर प्रसूता का शव रोकने का आरोप भी लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शव दिलवाया।
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बाराबंकी निवासी बलवंत की पत्नी रिंकी (25) को जुड़वा बच्चे होने थे। परिजनों के मुताबिक, पहले उन्हें मड़ियांव स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीलिया बढ़ने पर डॉक्टरों ने रिंकी को क्वीनमेरी अस्पताल रेफर किया था। आरोप है कि एक दलाल ने रिंकी को रविवार शाम मैनकाइंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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परिजनों के अनुसार, शाम करीब छह बजे रिंकी का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के करीब 12 घंटे में ही नवजात की मौत हो गई। कुछ देर बाद रिंकी की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में परेशानी हुई। परिजनों ने डॉक्टरों से उपचार की गुहार लगाई, लेकिन कुछ देर बाद रिंकी ने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा न मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने अस्पताल पर बकाया बिल के भुगतान के लिए शव रोकने का भी आरोप लगाया।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। अस्पताल से प्रसूता के इलाज से जुड़े दस्तावेज मांगे जाएंगे। जांच में लापरवाही मिली तो संबंधित अस्पताल को बंद कराया जाएगा।
मैनकाइंड हॉस्पिटल के संचालक डॉ. हबीब का कहना है कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। परिजन गंभीर हालत में मरीज को लेकर आए थे। परिजनों को पहले ही पूरे मामले से अवगत कराया गया था। शव रोके जाने का आरोप बेबुनियाद है।