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Lucknow: व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से शादियों की नहीं ले पा रहे बुकिंग, दाम बढ़ने से नुकसान ही नुकसान

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Fri, 03 Apr 2026 02:02 PM IST
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सार

व्यावसयिक सिलिंडर के दाम 195 रुपये और बढ़ने से व्यापारियों में मायूसी है। उनका कहना है कि पहले ही खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं अब और भी मुश्किल होने वाली है।

Lucknow: Unable to book weddings due to non-availability of commercial cylinders
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की कीमत में 195 रुपये का इजाफा किया गया है। इससे होटल, रेस्टोरेंट व खानपान से जुड़े व्यापारियों में मायूसी है। इनका कहना है कि इससे उनका नुकसान बढ़ेगा। व्यापारियों का कहना है कि किल्लत की वजह से वैसे ही गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। अब दाम भी बढ़ा दिए गए। हम मजबूरी में भट्ठी पर आ गए हैं।

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व्यावसायिक इस्तेमाल वाली पीएनजी पहले से ही महंगी हो गई है। लागत बढ़ने से दुकानदारों को खाद्य पदार्थों के रेट भी बढ़ाने पड़े। मंदिरों का प्रसाद तक महंगा हो गया। कैटरिंग कारोबारी खाली हाथ हैं।
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डीजल भट्ठी के सहारे निपटेगी सहालग
कैटरिंग कारोबारी संतोष गुप्ता ने बताया कि सिलिंडर न मिल पाने से शादियों की बुकिंग नहीं ले रहे हैं। पार्टी के सिलिंडर उपलब्ध कराने पर ही काम ले रहे हैं। 15 अप्रैल से सहालग शुरू है। इसके लिए डीजल भट्ठी बनवा रहे हैं। सिलिंडर नहीं मिला तो लकड़ी और भट्ठी के सहारे ही काम करेंगे। एक महीने से बेरोजगार बैठे हैं। परिवार चलाने में मुश्किल आ रही है।

नहीं बन पा रहे धीमी आंच वाले उत्पाद
मिठाई कारोबारी गुलशन मेहता बताते हैं कि सिलिंडरों की आपूर्ति सिर्फ कागजों में हो रही है। हफ्ते में अगर चार सिलिंडर की जरूरत है तो एक ही मिल पा रहा है। इससे धीमी आंच में पकने वाली तमाम मिठाइयां नहीं बन पा रही हैं। भट्ठियों से ही काम चल रहा है। लागत बढ़ गई है, पर हमने रेट नहीं बढ़ाए हैं।

21 रुपये का प्रसाद अब भूल जाइये
गैस की किल्लत का असर मंदिरों में चढ़ने वाले प्रसाद पर भी पड़ा है। मंदिरों में अब 51 रुपये से कम का प्रसाद नहीं मिल रहा है। प्रसाद विक्रेता राजेश ने बताया कि सिलिंडर न मिलने से लड्डू, पेड़ा व नारियल का लड्डू बनने में काफी समय लग जाता है। लागत बढ़ने से ही दाम भी बढ़ाए गए हैं।

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