लखनऊ: यूपी रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस 2026, हरित ऊर्जा, निवेश और रणनीतिक साझेदारियों पर मंथन
लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस 2026 में हरित ऊर्जा, सौर परियोजनाओं, निवेश और नई तकनीकों पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार, सरकारी नीतियों और उद्योगों के सहयोग पर जोर दिया।
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इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के प्लूटो ऑडिटोरियम में आयोजित उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026 का शुभारंभ ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ। सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (CARD) द्वारा आयोजित सम्मेलन का नेतृत्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. अरिंदम रॉय और रीजनल डायरेक्टर शोभित श्रीवास्तव ने किया। मुख्य अतिथि यूपीनेडा के निदेशक आईएएस रविंदर सिंह रहे।
उद्घाटन सत्र में डॉ. अरिंदम रॉय ने उत्तर प्रदेश में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए सरकार, उद्योग और विशेषज्ञों के बीच सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन में 3EA Global ने नॉलेज पार्टनर के रूप में भागीदारी की।
कंपनी के सीईओ डॉ. विभोर मिश्रा ने कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा निवेश और वैश्विक अनुभवों पर अपने विचार रखे, जबकि बिजनेस पार्टनर प्रणव भास्कर ने हरित ऊर्जा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मजबूत व्यावसायिक साझेदारियों के महत्व को रेखांकित किया।
उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया
सम्मेलन में आयोजित प्रदर्शनी में नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सत्या सोलर को उत्तर प्रदेश में उच्च दक्षता वाली सौर ऊर्जा परियोजनाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कंपनी के प्रबंध निदेशक पार्थ गुप्ता को स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय नेतृत्व के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में यूपीनेडा के सचिव पंकज सिंह, SIDBI के महाप्रबंधक जय कुमार गुप्ता, KLK Ventures के निदेशक अक्षत जैन, CARD के चेयरमैन एमेरिटस डॉ. अनीस अंसारी तथा इंडो अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मुकेश बहादुर सिंह सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
मुकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति उद्योग के लिए अनुकूल है और सरकार 22,000 मेगावाट उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में सौर, बायो-एनर्जी और अन्य स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के भविष्य, निवेश और नई नीतियों पर व्यापक चर्चा हुई।