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UP: 10 लाख तक के रेंट एग्रीमेंट पर घटेगा स्टांप शुल्क, 1.60 लाख से घटाकर 20 हजार रुपये करने की तैयारी
Wed, 01 Jul 2026 04:50 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 01 Jul 2026 04:50 PM IST
सार
प्रस्ताव के अनुसार 10 लाख रुपये तक के रेंट एग्रीमेंट पर 20 हजार रुपये का एकमुश्त स्टांप शुल्क लिया जाएगा। प्रस्ताव को जल्द राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में किरायेदारी व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और औपचारिक बनाने के लिए स्टांप एवं पंजीयन विभाग बड़ा बदलाव करने जा रहा है। विभाग ने 10 लाख रुपये तक के रेंट एग्रीमेंट पर स्टांप शुल्क घटाकर 20 हजार रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया है। वर्तमान में इस श्रेणी के कई मामलों में करीब 1.60 लाख रुपये तक स्टांप शुल्क देना पड़ता है। प्रस्ताव को जल्द राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
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विभाग का उद्देश्य संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा बढ़ाना, किरायेदारी विवादों को कम करना और स्टांप शुल्क चोरी पर रोक लगाना है। अधिकारियों का मानना है कि अधिक शुल्क के कारण बड़ी संख्या में लोग रेंट एग्रीमेंट का पंजीकरण नहीं कराते, जिससे भविष्य में विवाद और कानूनी जटिलताएं पैदा होती हैं। प्रस्ताव के अनुसार 10 लाख रुपये तक के रेंट एग्रीमेंट पर 20 हजार रुपये का एकमुश्त स्टांप शुल्क लिया जाएगा। यदि एग्रीमेंट का मूल्य 10 लाख रुपये से अधिक होगा तो पहले 10 लाख रुपये पर 20 हजार रुपये तथा शेष राशि पर चार प्रतिशत की दर से स्टांप शुल्क लगाया जाएगा।
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विभाग ने पहले भी सीमित अवधि के लिए 20 हजार रुपये स्टांप शुल्क की व्यवस्था लागू की थी, लेकिन उस समय 10 लाख रुपये की सीमा पार होते ही पूरे एग्रीमेंट मूल्य पर चार प्रतिशत शुल्क लागू हो जाता था। इसका लाभ उठाने के लिए कई लोग एग्रीमेंट को दो हिस्सों में तैयार कराते थे या वास्तविक किराये से कम राशि दर्शाकर दस्तावेज पंजीकृत कराते थे। इससे राजस्व की हानि होने के साथ विवाद की संभावना भी बढ़ जाती थी।
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रेंट एग्रीमेंट के लिए होंगे प्रत्साहित
अधिकारियों का कहना है कि नया फॉर्मूला लागू होने पर एग्रीमेंट को कृत्रिम रूप से विभाजित करने और कम मूल्य दिखाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। साथ ही अधिक मकान मालिक और किरायेदार पंजीकृत रेंट एग्रीमेंट कराने के लिए प्रोत्साहित होंगे। पंजीकृत रेंट एग्रीमेंट अदालतों में मजबूत साक्ष्य माना जाता है। इसके अलावा बैंकिंग, पुलिस सत्यापन, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी पंजीकृत एग्रीमेंट को प्राथमिकता मिलती है।